अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | तेहरान/इस्लामाबाद | 13 अप्रैल 2026
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक अहम कूटनीतिक नरमी देखने को मिली है। ईरान ने पहले इनकार करने के बाद अब पाकिस्तान के दो व्यापारी जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर आवाजाही को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बनी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की सक्रिय कूटनीतिक कोशिशों और बातचीत के बाद ईरान ने अपना रुख बदला। इससे पहले ईरान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जहाजों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। लेकिन हालिया समझौते के तहत अब सीमित संख्या में पाकिस्तानी जहाजों को रास्ता दिया जा रहा है।
दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इस समय वैश्विक राजनीति का केंद्र बना हुआ है। ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच बढ़ते टकराव के चलते इस मार्ग पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कई देशों के जहाज फंसे हुए हैं और केवल चुनिंदा देशों को ही अनुमति दी जा रही है।
बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने इस मसले पर ईरान से लगातार संपर्क बनाए रखा और अपने व्यापारिक हितों का हवाला दिया। इसके बाद ईरान ने पहले दो जहाजों को अनुमति दी, जो अब सुरक्षित रूप से आगे बढ़ चुके हैं। इससे पहले भी ईरान ने चरणबद्ध तरीके से पाकिस्तान सहित कुछ देशों के जहाजों को सीमित अनुमति देने का संकेत दिया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल व्यापारिक राहत ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय कूटनीति का भी संकेत है। ईरान एक तरफ जहां अपनी सुरक्षा और रणनीतिक नियंत्रण बनाए रखना चाहता है, वहीं दूसरी तरफ मित्र देशों के साथ संबंध भी संतुलित रखना चाहता है।
गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा कीमतों पर पड़ता है। ताजा फैसले से पाकिस्तान को तात्कालिक राहत जरूर मिली है, लेकिन क्षेत्र में जारी तनाव को देखते हुए स्थिति अभी भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि ईरान अन्य देशों के जहाजों को लेकर क्या रुख अपनाता है।



