अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 24 मार्च 2026
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एक खबर ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका “5 हजार बूट” यानी 5 हजार अमेरिकी मरीन सैनिकों को मैदान में उतारने की तैयारी कर रहा है। सेना की भाषा में “बूट्स ऑन ग्राउंड” का मतलब होता है—जमीन पर सीधे सैनिकों की तैनाती। यानी अब अमेरिका दूर से नजर रखने के बजाय सीधे हालात में उतरने की स्थिति बना चुका है।
इन सैनिकों की नजर ईरान के सबसे अहम इलाकों—होर्मुज जलडमरूमध्य और खार्ग द्वीप—पर है। होर्मुज वह रास्ता है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल का गुजरता है। अगर यहां हलचल होती है, तो तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। वहीं खार्ग द्वीप ईरान का बड़ा तेल केंद्र है, जिस पर नियंत्रण की कोशिश किसी भी देश के लिए रणनीतिक बढ़त दिला सकती है।
इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप का 5 दिन का युद्धविराम प्रस्ताव कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या यह सच में शांति की पहल है, या फिर ईरान को भ्रम में रखने की एक चाल? जानकारों का मानना है कि इन 5 दिनों में अमेरिका अपनी सैन्य तैयारी पूरी कर सकता है—यानी बाहर से शांति का संदेश, लेकिन अंदर ही अंदर बड़ी कार्रवाई की तैयारी।
ईरान ने भी साफ चेतावनी दी है कि अगर उसके इलाके या तेल ठिकानों को निशाना बनाया गया, तो जवाब बहुत कड़ा होगा। ऐसे में यह टकराव तेजी से बढ़ सकता है और पूरे पश्चिम एशिया को अपनी चपेट में ले सकता है।
इसका असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ना तय है। भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए इस क्षेत्र पर काफी निर्भर है। अगर होर्मुज में कोई भी रुकावट आती है, तो पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे और इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या ये 5 दिन शांति का मौका हैं, या किसी बड़े हमले से पहले की खामोशी? दुनिया की नजर अब इसी पर टिकी है।




