अनिल यादव | लखनऊ 17 नवंबर 2025
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म को जेल भेजे जाने पर उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। एमपी–एमएलए कोर्ट द्वारा पैनकार्ड से जुड़े मामले में दोनों को दोषी करार देकर सात साल की सज़ा सुनाए जाने के तुरंत बाद अखिलेश यादव ने कहा कि यह फैसला “न्याय नहीं, सत्ता का बदला” है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की आग में जलकर विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। अखिलेश ने कहा कि आज़म खान को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह सत्ता के सामने झुकने को तैयार नहीं थे। उनके मुताबिक सरकार ने पूरे सिस्टम को विपक्षी नेताओं को डराने और चुप कराने के औज़ार के रूप में इस्तेमाल किया है।
अखिलेश यादव ने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि आज़म और अब्दुल्ला को अलग-अलग जेल भेजना और जमानत के अवसरों को सीमित कर देना विपक्षी आवाज़ को दबाने की सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार न्यायपालिका के कंधे पर बंदूक रखकर चल रही है और यह लोकतंत्र के लिए सबसे खतरनाक संकेत है। अखिलेश के अनुसार यह लड़ाई केवल एक परिवार या एक नेता की नहीं, बल्कि उन सभी आवाज़ों की है जिन्हें वर्तमान सत्ता असहज मानती है। उन्होंने सरकार के इस रवैये को “लोकतंत्र की हत्या” बताया और कहा कि जनता इसे चुपचाप नहीं सहने वाली।
इसके साथ ही अखिलेश ने एक बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि 2027 में अगर समाजवादी पार्टी सत्ता में आती है, तो इन सभी “झूठे और बदले की नीयत से बनाए गए” मामलों की पुनर्समीक्षा की जाएगी और न्याय बहाल किया जाएगा। उन्होंने आज़म खान को “समाजवादी पार्टी का पुराना, मज़बूत पेड़” बताया और कहा कि यह पेड़ गिर नहीं सकता, क्योंकि जनता उसके साथ खड़ी है। अखिलेश ने दावा किया कि आजम–अब्दुल्ला को जेल भेजकर बीजेपी सरकार ने विपक्ष को धमकाने की कोशिश की है, लेकिन यह जनता में और गुस्सा पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार जितना डर फैलाएगी, उतनी ही तेज़ी से लोकतंत्र की आग भड़कती जाएगी।





