महेंद्र सिंह | नई दिल्ली 22 नवंबर 2025
आधार कार्ड जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) आधार प्रणाली में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इस बदलाव की तैयारी अंतिम चरण में है और माना जा रहा है कि इसे दिसंबर से लागू किया जा सकता है। नए प्रस्ताव के अनुसार आधार कार्ड का डिजाइन पूरी तरह बदल जाएगा। अब कार्ड पर पहले की तरह नाम, पता, जन्म तिथि, लिंग, आधार संख्या जैसी पूरी जानकारी नहीं छापी जाएगी। इसके बजाय आधार कार्ड पर सिर्फ धारक की फोटो और एक QR कोड दिखाई देगा। इसी QR कोड के माध्यम से पूरी जानकारी सुरक्षित तरीके से सत्यापित की जाएगी।
UIDAI का मानना है कि आधार कार्ड की फोटोकॉपी या फोटो मांगने वाली जगहों—जैसे होटल, मोबाइल सिम, इवेंट पंजीकरण, हॉस्टल, किराए पर घर लेने आदि—पर लोगों की व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग होने का खतरा बहुत बढ़ गया है। कई मामलों में आधार की कॉपी का इस्तेमाल धोखाधड़ी, पहचान चोरी और अवैध गतिविधियों के लिए किया गया। इसलिए UIDAI अब यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आधार कार्ड सिर्फ पहचान का माध्यम रहे, न कि निजी जानकारी खुलकर बांटने का जरिया। नया डिजाइन इसी दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है।
नए आधार कार्ड का QR कोड एनक्रिप्टेड होगा, यानी उसकी जानकारी सिर्फ अधिकृत संस्थाएं ही स्कैन करके पढ़ सकेंगी। इससे कार्डधारक की पहचान सुरक्षित रहेगी और अनजान लोगों के हाथों में उसकी निजी जानकारी नहीं पहुंचेगी। UIDAI अधिकारियों का कहना है कि लोग अक्सर आधार कार्ड की फोटोकॉपी कई जगह जमा कर देते हैं, जिससे उनकी पूरी जानकारी दूसरों के पास चली जाती है। नया मॉडल इस जोखिम को काफी कम करेगा।
इसके साथ ही UIDAI एक नया आधार ऐप भी लॉन्च करने की योजना पर काम कर रहा है। इस ऐप के माध्यम से लोग बिना कार्ड दिखाए डिजिटल रूप से अपनी पहचान साझा कर सकेंगे। ऐप में QR आधारित ऑफलाइन वेरिफिकेशन, फेस ऑथेंटिकेशन, मोबाइल नंबर अपडेट करने और परिवार के सदस्यों को जोड़ने या हटाने जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। यानी आने वाले समय में आधार का इस्तेमाल और आसान तथा सुरक्षित हो जाएगा।
UIDAI यह बदलाव तुरंत लागू नहीं करेगा। इसके लिए सरकार, बैंक, टेलिकॉम कंपनियों, ट्रैवल सेक्टर, होटल उद्योग और अन्य संस्थानों को समय दिया जाएगा ताकि वे अपनी सिस्टम व्यवस्था अपडेट कर सकें। कानूनी और तकनीकी तैयारी पूरी होने के बाद ही नए आधार कार्ड का वितरण शुरू होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव देश में डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब लोगों को पहचान देने के लिए पूरा विवरण साझा नहीं करना पड़ेगा। साथ ही, नागरिकों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी पर नियंत्रण मिलेगा।
अगर यह नया आधार मॉडल सफल होता है तो भारत में पहचान सत्यापन का तरीका पूरी तरह बदल सकता है। इससे आधार का दुरुपयोग कम होगा, डेटा सुरक्षा बढ़ेगी और डिजिटल पहचान प्रणाली और मजबूत बनेगी।
इस तरह UIDAI की यह योजना सिर्फ कार्ड का डिजाइन बदलने भर की नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों की पहचान को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने की बड़ी कोशिश है।




