[the_ad id="179"]
Home » National » जुबीन गर्ग की मौत रहस्य में बदलती जा रही है: बैंडमेट का दावा – जहर दिया गया, मुंह से निकल रहा था झाग

जुबीन गर्ग की मौत रहस्य में बदलती जा रही है: बैंडमेट का दावा – जहर दिया गया, मुंह से निकल रहा था झाग

गुवाहाटी 4 अक्टूबर 2025

असम के मशहूर गायक और अभिनेता जुबीन गर्ग की मौत का मामला अब एक गंभीर और सनसनीखेज़ मोड़ ले चुका है। जिस जुबीन को पूरे उत्तर-पूर्व का दिल कहा जाता था, उसकी मौत के पीछे अब साजिश की परतें खुलने लगी हैं। उनके बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी ने खुलासा किया है कि जुबीन की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि एक योजनाबद्ध “ज़हर देकर हत्या” का मामला है। शेखर ने दावा किया कि जुबीन को जानबूझकर जहर दिया गया था, जिसके बाद उनके मुंह और नाक से झाग निकलने लगा था, लेकिन मैनेजर ने सबकुछ सामान्य दिखाने की कोशिश की और मामले को “एसिड रिफ्लक्स” बता दिया।

शेखर का कहना है कि 28 सितंबर की रात को जब फेस्टिवल खत्म हुआ, तब जुबीन अचानक गिर पड़े। उनके चेहरे का रंग बदल गया और सांस लेने में तकलीफ़ हो रही थी। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत मेडिकल टीम को बुलाने की मांग की, लेकिन जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और फेस्टिवल ऑर्गनाइज़र श्यामकानु ने सबको शांत रहने को कहा। उन्होंने कहा कि “कुछ नहीं हुआ है, बस जुबीन थक गए हैं।” इसी दौरान जुबीन की हालत और बिगड़ती गई। शेखर का कहना है कि “मैंने खुद देखा था कि उनके मुंह से झाग निकल रहा था, और तभी मुझे शक हुआ कि ये किसी जहरीले पदार्थ का असर हो सकता है।”

इस घटना ने पूरे असम और संगीत जगत को हिला दिया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियाँ की हैं। असम पुलिस ने जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, फेस्टिवल आयोजक श्यामकानु, एक अभिनेत्री, और बैंड के ड्रमर को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसमें दस अधिकारियों की टीम काम कर रही है। शुरूआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण “डूबने” से बताया गया था, लेकिन लगातार बढ़ते विवाद और परिजनों के दबाव के बाद सरकार ने दूसरा पोस्टमार्टम करवाने का आदेश दिया। दूसरी रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि उसमें कुछ “गंभीर रासायनिक संकेत” मिले हैं जो जहरीले पदार्थ की ओर इशारा कर सकते हैं।

जुबीन की पत्नी गरिमा गर्ग ने भी पुलिस में लिखित बयान दिया है कि उन्हें शुरू से शक था कि उनके पति को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि “मेरे पति हमेशा फिट और खुशमिजाज रहते थे। जिस रात वे मरे, उन्होंने मुझे वीडियो कॉल किया था और कहा था कि सब अच्छा चल रहा है। लेकिन कुछ घंटे बाद मुझे खबर मिली कि वो नहीं रहे। यह बात मैं आज तक नहीं मान पा रही कि ये सिर्फ एक दुर्घटना थी।” गरिमा ने यह भी आरोप लगाया कि मैनेजर ने उन्हें जुबीन की मौत के तुरंत बाद कोई भी वीडियो या फोटो देखने नहीं दी और कहा कि “शरीर की हालत ठीक नहीं है, आपको नहीं देखना चाहिए।” इस बात ने उनके संदेह को और गहरा कर दिया।

पूरा असम अब जवाब मांग रहा है कि आखिर जुबीन गर्ग जैसे लोकप्रिय कलाकार की मौत कैसे हो गई? क्या वाकई उन्हें जहर दिया गया था? अगर हां, तो किसने और क्यों? क्या यह किसी आर्थिक विवाद का परिणाम था, या किसी ईर्ष्यालु साजिश की परिणति? पुलिस सूत्रों का कहना है कि जुबीन की मैनेजमेंट टीम के अंदर कुछ समय से तनाव चल रहा था। कार्यक्रमों की बुकिंग और फीस को लेकर मतभेद भी सामने आए थे। इसके अलावा, फेस्टिवल आयोजन समिति से भी उनका कुछ विवाद था, जिसकी वजह से हालात तनावपूर्ण बने हुए थे।

अब यह मामला सिर्फ एक मौत नहीं रहा — यह एक सांस्कृतिक झटका बन गया है। जुबीन गर्ग केवल एक गायक नहीं थे; वे असम की पहचान, असमिया अस्मिता और भावनाओं के प्रतीक थे। उनके गानों ने असम और उत्तर-पूर्व की पीढ़ियों को जोड़ा था। उनकी आकस्मिक और रहस्यमय मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर #JusticeForZubeenGarg ट्रेंड कर रहा है, और देशभर से कलाकार, प्रशंसक और संगीत प्रेमी न्याय की मांग कर रहे हैं।

असम पुलिस का कहना है कि वह मामले की “हर दिशा” में जांच कर रही है। SIT की रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, कई संगठनों ने जुबीन की मौत की CBI जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई को पूरी पारदर्शिता के साथ सामने लाया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *