नई दिल्ली, 13 सितम्बर 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे को लेकर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया है कि हिंसा और अशांति झेल रहे राज्य को प्रधानमंत्री ने पूरे दो साल तक नज़रअंदाज़ किया और अब उनका दौरा सिर्फ़ औपचारिकता साबित हो रहा है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यह बेहद “दुर्भाग्यपूर्ण” है कि प्रधानमंत्री को इतने लंबे समय बाद मणिपुर जाने की ज़रूरत महसूस हुई। उन्होंने कहा कि जब भी देश के किसी हिस्से में त्रासदी होती है, तब तत्कालीन प्रधानमंत्रियों ने वहाँ पहुँचकर लोगों का दर्द साझा किया है। यह परंपरा कांग्रेस या भाजपा से ऊपर रही है। लेकिन मोदी सरकार ने इस परंपरा को तोड़ा और मणिपुर के लोगों को लंबे समय तक असहाय छोड़ दिया।
पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी के दौरे को “तीन घंटे का पिट स्टॉप” बताते हुए कहा कि यह शुद्ध “टोकनिज़्म” है, जिसमें न तो संवेदना है और न ही ईमानदारी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इम्फाल और चुराचांदपुर में रोड शो करना उस गहरी चोट का अपमान है, जिसे मणिपुर की जनता पिछले दो वर्षों से झेल रही है। खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में हिंसा को रोकने और राहत पहुँचाने में पूरी तरह विफलता दिखाई है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मणिपुर में स्थायी शांति और विश्वास तभी बहाल हो सकता है जब केंद्र सरकार पीड़ितों की आवाज़ सुने, राहत कार्यों को तेज़ करे और सभी समुदायों को विश्वास में लेकर आगे बढ़े। विपक्ष का यह भी आरोप है कि अब जबकि हालात अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ चुके हैं और राजनीतिक दबाव बढ़ा है, तभी प्रधानमंत्री ने दौरे का कार्यक्रम बनाया है।




