राजनीतिक | अमरनाथ प्रसाद | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 30 मई 2026
विधान परिषद चुनाव से पहले विपक्षी एकता का बड़ा प्रदर्शन
महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव से पहले महाविकास अघाड़ी (MVA) ने सीट बंटवारे को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बना ली है। गठबंधन के तीनों प्रमुख घटकों—कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की एनसीपी (एसपी)—के बीच 17 में से 15 सीटों पर सहमति बन गई है। तय फार्मूले के अनुसार कांग्रेस 8 सीटों पर, उद्धव सेना 4 सीटों पर और शरद पवार की एनसीपी (एसपी) 3 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बाकी दो सीटों पर भी जल्द फैसला किए जाने की संभावना है।
मुंबई स्थित यशवंतराव चव्हाण सेंटर में हुई बैठक में तीनों दलों के वरिष्ठ नेताओं ने न केवल सीटों का गणित तय किया, बल्कि आगामी चुनावों के लिए साझा रणनीति पर भी चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब राज्य की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।
कांग्रेस बनी गठबंधन की सबसे बड़ी ताकत
सीटों के इस बंटवारे ने साफ संकेत दिया है कि महाविकास अघाड़ी के भीतर कांग्रेस की स्थिति पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है। 15 में से 8 सीटें कांग्रेस के खाते में जाना यह दर्शाता है कि विपक्षी राजनीति में उसकी भूमिका निर्णायक बनती जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस ने राज्य में अपनी संगठनात्मक पकड़ मजबूत की है, जिसका असर सीट बंटवारे में भी दिखाई दिया। वहीं उद्धव ठाकरे की शिवसेना को 4 और शरद पवार की एनसीपी (एसपी) को 3 सीटें देकर गठबंधन ने सभी सहयोगियों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है।
‘बाप बड़ा ना भैया, सबसे बड़ा रुपैया’— कांग्रेस का महायुति पर तीखा हमला
बैठक के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने महायुति सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि विधान परिषद चुनावों में बड़े पैमाने पर धनबल का इस्तेमाल किया जा रहा है और विपक्षी दलों के नगरसेवकों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।
सपकाल ने कहा कि लोकतंत्र के पर्व को भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने “खरीद-फरोख्त के बाजार” में बदल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नगरसेवकों को अग्रिम राशि देकर प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, “बाप बड़ा ना भैया, सबसे बड़ा रुपैया” की राजनीति इस चुनाव में खुलकर दिखाई दे रही है।
हालांकि कांग्रेस के इन आरोपों के समर्थन में अभी तक कोई सार्वजनिक प्रमाण सामने नहीं आया है।
बीजेपी का पलटवार: हार का डर, इसलिए आरोपों की बौछार
कांग्रेस के आरोपों पर महाराष्ट्र भाजपा ने तुरंत जवाबी हमला किया। भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने कहा कि महाविकास अघाड़ी को अपनी संभावित हार पहले से दिखाई दे रही है, इसलिए वह चुनाव से पहले ही बहाने तलाश रही है।
भाजपा का दावा है कि स्थानीय निकायों में महायुति के पास स्पष्ट बहुमत है और विधान परिषद की सभी 17 सीटों पर उसकी स्थिति मजबूत है। पार्टी नेताओं के अनुसार विपक्षी दलों के कई जनप्रतिनिधि खुद उनके नेतृत्व से असंतुष्ट हैं और यही उनकी चिंता का असली कारण है।
कौन किस सीट पर लड़ेगा?
सहमति के अनुसार कांग्रेस चंद्रपुर, यवतमाल, भंडारा, अमरावती, अहिल्यानगर, सोलापुर और धाराशिव-लातूर-बीड समेत कुल 8 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी।
एनसीपी (एसपी) को पुणे, ठाणे और सांगली-सातारा की 3 सीटें मिली हैं, जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) रायगढ़, जलगांव, परभणी-हिंगोली और छत्रपति संभाजीनगर की 4 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
असली मुकाबला सीटों का नहीं, राजनीतिक संदेश का
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह चुनाव केवल विधान परिषद की सीटों तक सीमित नहीं है। इसके जरिए महाविकास अघाड़ी यह संदेश देना चाहती है कि तमाम राजनीतिक उतार-चढ़ाव और दल-बदल के बावजूद विपक्ष अभी भी एकजुट है और भाजपा को चुनौती देने की स्थिति में है।
दूसरी ओर महायुति इस चुनाव को अपनी संगठनात्मक ताकत और स्थानीय निकायों में बहुमत की परीक्षा के रूप में देख रही है। इसलिए यह मुकाबला केवल सीटों का नहीं बल्कि राजनीतिक प्रभाव, संगठन और संसाधनों की शक्ति का भी बन गया है।
2029 की राजनीति का ट्रेलर?
विश्लेषकों का मानना है कि महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव आने वाले वर्षों की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। महाविकास अघाड़ी के लिए यह अपनी एकजुटता साबित करने का अवसर है, जबकि महायुति के लिए यह अपने राजनीतिक वर्चस्व को दोहराने का मौका है।
फिलहाल दोनों पक्ष जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि क्या विपक्ष अपनी एकता को मतदान तक बरकरार रख पाएगा और क्या महायुति अपने बहुमत को परिणामों में बदल पाएगी। महाराष्ट्र की राजनीति में यह चुनाव आने वाले बड़े राजनीतिक संघर्षों का संकेतक माना जा रहा है।



