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“मैं आपके साथ हूँ, शांति के रास्ते पर चलिए” — मणिपुर से मोदी का संदेश

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इंफाल/चुराचांदपुर, 13 सितम्बर 2025 

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मणिपुर से अपना पहला सार्वजनिक भाषण दिया। मई 2023 में राज्य में भड़के जातीय संघर्ष और उसके बाद लगातार जारी अस्थिरता के बीच पीएम मोदी का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। इस दौरान उन्होंने लोगों के दर्द और तकलीफ़ को साझा करते हुए कहा कि वे हमेशा मणिपुर की जनता के साथ खड़े हैं। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि राज्य की शांति ही विकास की असली कुंजी है और यदि लोग मिलकर एकता और भाईचारे के रास्ते पर चलें, तो अपने सपनों को पूरा करना मुश्किल नहीं होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में यह भी स्पष्ट किया कि हिंसा और संघर्ष किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राज्य के सभी समुदाय हथियार छोड़कर बातचीत और आपसी विश्वास की राह पर आगे बढ़ें। उनका कहना था कि “शांति के बिना विकास संभव नहीं है” और यदि मणिपुर शांति की राह चुनता है, तो देश और दुनिया की नज़र में यह क्षेत्र नई ऊँचाइयों पर पहुँचेगा। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे नफरत और संघर्ष की राजनीति से दूर रहकर शिक्षा, रोज़गार और कौशल विकास के जरिए अपना भविष्य बेहतर बनाने पर ध्यान दें।

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने विकास का रोडमैप भी प्रस्तुत किया। उन्होंने चुराचांदपुर और इंफाल में हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया। इनमें सड़क और पुलों का निर्माण, ऊर्जा और बिजली से जुड़ी योजनाएँ, एलपीजी की सुविधा का विस्तार और कई अन्य बुनियादी ढाँचे से संबंधित कार्य शामिल हैं। मोदी ने कहा कि इन परियोजनाओं से न सिर्फ़ रोज़गार के अवसर पैदा होंगे बल्कि स्थानीय लोगों की जीवनशैली में भी सुधार आएगा। उन्होंने मणिपुर को भारत की प्रगति का अहम स्तंभ बताते हुए कहा कि उत्तर-पूर्व जितना मज़बूत होगा, उतना ही भारत भी मज़बूत होगा।

पीएम मोदी ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर स्थायी शांति की दिशा में काम करेगी। उन्होंने कहा कि मणिपुर को लेकर उनका विज़न सिर्फ़ तात्कालिक राहत देने का नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों में इसे आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने का है। उन्होंने लोगों से विश्वास जताते हुए कहा कि मणिपुर की जनता में अपार प्रतिभा और ऊर्जा है, बस ज़रूरत है सही दिशा और सामूहिक प्रयास की।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह भाषण मणिपुर की स्थिति में स्थिरता लाने का एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री का दौरा न सिर्फ़ विकास योजनाओं का ऐलान है, बल्कि यह राज्य के लोगों को भरोसा दिलाने का भी प्रयास है कि वे अकेले नहीं हैं। अगर यह पहल शांति कायम करने में सफल होती है, तो मणिपुर की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर बदल सकती है। हिंसा से थके-हारे लोगों के लिए यह भाषण एक उम्मीद का संदेश लेकर आया है कि आने वाला कल बेहतर और स्थिर हो सकता है।

 

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