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बिहार NDA को झटका: पशुपति पारस महागठबंधन में, बताया रामविलास पासवान का असल उत्तराधिकारी

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को बड़ा झटका लगा है, जब राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLSP) के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने महागठबंधन के इंडिया गठबंधन में शामिल होने की घोषणा की। इसके बाद बिहार की सियासत में नया घमासान शुरू हो गया है।

महागठबंधन में शामिल होकर जताया आभार

पारस ने महागठबंधन में शामिल होने के बाद इंडिया गठबंधन, कांग्रेस और RJD के नेता तेजस्वी यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहार में इस बार महागठबंधन की सरकार बनेगी और उनकी पार्टी को सीटों पर उचित हिस्सेदारी मिलेगी। पशुपति पारस का मानना है कि बिहार में सत्ता परिवर्तन की एक लहर है, जो अब रुकेगी नहीं।

नीतीश कुमार पर तीखा हमला

इस दौरान पारस ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार का अंत महाराष्ट्र की सरकार की तरह होगा। यह बयान बिहार की सियासी परिस्थिति को और तनावपूर्ण कर रहा है, और यह संकेत दे रहा है कि NDA के भीतर असंतोष गहरा गया है।

सीटों पर जोर और परिवार की हिस्सेदारी

पारस ने बताया कि अभी सीटों के बंटवारे की बातचीत चल रही है, लेकिन उनकी पार्टी लगभग 6-7 सीटें मांग रही है। खासतौर पर खगड़िया जिले के आस-पास की सीटें उनकी प्राथमिकता में हैं, जिसमें कुछ सीटें उनके बेटे और भतीजे के लिए भी मांगी जाएंगी। इससे पता चलता है कि पार्टी की नाराजगी और परिवार के भीतर की राजनीतिक जंग अभी भी जारी है।

NDA को बड़ा झटका और महागठबंधन का फायदा

पशुपति पारस का महागठबंधन में जाना NDA के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि यह गठबंधन पहले से ही बिहार में तेज़ी से मजबूत हो रहा है। पारस के इंडिया गठबंधन में शामिल होने से महागठबंधन की ताकत में काफी इजाफा होगा और पार्टी के वोट बैंक में भी विस्तार होगा, खासकर उन इलाकों में जहां उनके समर्थक मजबूत हैं।

बिहार की राजनीति में नया मोड़

पशुपति पारस की इस रणनीति ने बिहार की राजनीति में नया मोड़ ले लिया है। 20 साल से सत्ता में मौजूद NDA की पकड़ कमजोर होने लगी है, और महागठबंधन के लिए यह बड़ी जीत की उम्मीद जगाने वाला कदम साबित हो सकता है। अब राजनीतिक गलियारे और जनता की नजर आगामी चुनाव पर टिकी हुई है कि आखिर बिहार में किस गठबंधन की सरकार बनेगी।

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