[the_ad id="179"]
Home » National » मोदी के ट्वीट पर खेड़ा का मुंहतोड़ जवाब, बैलेट पेपर से चुनाव कराने समेत रखीं 4 बड़ी मांगें

मोदी के ट्वीट पर खेड़ा का मुंहतोड़ जवाब, बैलेट पेपर से चुनाव कराने समेत रखीं 4 बड़ी मांगें

प्रधानमंत्री को दी चुनौती—EVM पर भरोसा है तो लोकसभा और विधानसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराने का वादा करें; SIR रोकने, हटाए गए 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम बहाल करने और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की भी मांग

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 29 अक्टूबर 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के MLC चुनावों में बैलेट पेपर से मतदान और कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाने वाले ट्वीट पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। खेड़ा ने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी को भरोसा है कि EVM का चुनावी नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ता, तो उन्हें बयानबाजी के बजाय अपने फैसलों से यह भरोसा साबित करना चाहिए।

खेड़ा की चार बड़ी मांगें

पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार के सामने चार मांगें रखीं—

* लोकसभा और आगामी विधानसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराने का वादा किया जाए।

* SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया रोकी जाए और उनके मुताबिक हटाए गए 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम बहाल किए जाएं।

* मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए।

* मुख्य चुनाव आयुक्त को कानूनी संरक्षण देने वाले कानून को वापस लिया जाए।

‘बयान नहीं, कार्रवाई करके दिखाएं’

पवन खेड़ा ने कहा कि जब तक सरकार इन मांगों पर कार्रवाई नहीं करती, तब तक प्रधानमंत्री के दावों को गंभीरता से नहीं लिया जा सकता। उन्होंने मोदी से चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपने रुख को ठोस कदमों के जरिए स्पष्ट करने की चुनौती दी।

EVM और मतदाता सूची पर सियासी घमासान

यह बयान ऐसे समय आया है, जब EVM, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। कांग्रेस ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर सवाल उठाए हैं।

हालांकि, 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आंकड़ा पवन खेड़ा के दावे के रूप में सामने आया है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

अब सवाल यह है कि EVM और चुनावी प्रक्रिया पर जारी इस राजनीतिक टकराव के बीच क्या बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर कोई ठोस पहल होगी, या यह मुद्दा सियासी बयानबाजी तक ही सीमित रहेगा?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *