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पुणे में हर गुरुवार पानी की कटौती, 15 अक्टूबर से लागू होगा फैसला

महाराष्ट्र में बारिश की कमी का असर, निर्माण कार्यों में पीने के पानी के इस्तेमाल पर रोक और वाहन धुलाई केंद्र बंद करने की तैयारी

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 14 अक्टूबर 2026

महाराष्ट्र में इस साल बारिश की कमी का असर अब शहरों की जलापूर्ति पर दिखाई देने लगा है। पुणे नगर निगम (PMC) ने पानी की कमी से निपटने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए 15 अक्टूबर से हर गुरुवार पूरे शहर में पानी की आपूर्ति बंद करने की घोषणा की है। इसके साथ ही पीने के पानी का गैर-जरूरी इस्तेमाल रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

नगर निगम के अनुसार, पुणे को पानी उपलब्ध कराने वाले खडकवासला बांध में जल भंडारण की स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। 12 अक्टूबर तक बांध में उपलब्ध पानी का स्तर पिछले वर्षों में इसी अवधि के दौरान दर्ज भंडारण की तुलना में कम पाया गया। बारिश की कमी के कारण जल स्रोतों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए नगर निगम ने पानी की खपत नियंत्रित करने का निर्णय लिया है।

निर्माण कार्यों में पीने के पानी के इस्तेमाल पर रोक

पुणे नगर निगम निर्माण कार्यों में पीने के पानी के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। इसका उद्देश्य पेयजल को गैर-जरूरी गतिविधियों में खर्च होने से बचाना और उपलब्ध पानी का इस्तेमाल घरेलू जरूरतों के लिए सुनिश्चित करना है।

इसके अलावा, वाहन धुलाई केंद्रों को भी बंद कराने की योजना बनाई गई है। यह रोक अगले मानसून तक लागू रखने की बात कही गई है, ताकि पानी की खपत कम की जा सके और जल भंडार पर दबाव घटाया जा सके।

बारिश की कमी से बढ़ी चिंता

महाराष्ट्र में इस साल बारिश की कमी के चलते स्थानीय निकाय जल प्रबंधन के लिए कदम उठा रहे हैं। पुणे में हर सप्ताह एक दिन पानी की आपूर्ति रोकने का फैसला इसी दिशा में उठाया गया है। इससे शहर के लोगों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए पानी का इस्तेमाल पहले से अधिक सावधानी के साथ करना होगा।

पानी की कटौती के दौरान नागरिकों को पीने, खाना बनाने और स्वच्छता जैसी जरूरी जरूरतों को प्राथमिकता देनी होगी। पानी का अनावश्यक बहाव रोकना, टंकियों को जरूरत से ज्यादा भरने से बचना और घरेलू स्तर पर पानी की बर्बादी कम करना भी महत्वपूर्ण होगा।

नागरिकों से पानी बचाने की अपील

जल संकट की स्थिति में केवल नगर निगम के उपाय पर्याप्त नहीं होंगे। नागरिकों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और निर्माण कंपनियों को भी पानी की खपत कम करने में सहयोग करना होगा। वाहन धोने और निर्माण जैसे कार्यों में पेयजल के इस्तेमाल पर रोक का उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना है।

पुणे में हर गुरुवार पानी की आपूर्ति बंद रहने से लोगों को अपनी जरूरतों के अनुसार पहले से तैयारी करनी होगी। आने वाले महीनों में जल भंडारण और बारिश की स्थिति के आधार पर शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर दबाव बना रह सकता है। ऐसे में पानी बचाना प्रशासन के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बन जाता है।

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