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“24 घंटे में जुटने को तैयार रहें”—राहुल गांधी का विपक्ष को संदेश, आंदोलन जारी रखने का ऐलान

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 13 अक्टूबर 2026

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष का रुख स्पष्ट, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद तय होगी आंदोलन की अगली रणनीति

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं, छात्र संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को अगले 24 घंटे में जुटने के लिए तैयार रहने का संदेश दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जारी विरोध के बीच विपक्ष ने साफ किया है कि वह अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेगा। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए राजनीतिक और जन-प्रतिरोध किसी एक संस्था की भूमिका पर निर्भर नहीं रहेगा।

राहुल गांधी के आवास पर विपक्षी नेताओं की बैठक

मंगलवार को नई दिल्ली स्थित राहुल गांधी के 5, सुनेहरी बाग आवास पर विपक्षी नेताओं, छात्र कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। राहुल गांधी ने इन नेताओं को चाय पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया था। बैठक का उद्देश्य सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका सौंपने के बाद आंदोलन की आगे की रणनीति पर विचार करना था। बैठक में सहमति बनी कि सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद अगले कदमों का फैसला किया जाएगा।

“संस्थाएं भूमिका निभाएं या नहीं, प्रतिरोध जारी रहेगा”

बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट, भारत के मुख्य न्यायाधीश और न्यायिक व्यवस्था के प्रति सम्मान जताया। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि लोकतंत्र से जुड़े इन मुद्दों पर संस्थाएं अपनी भूमिका निभाएंगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थागत कार्रवाई हो या न हो, विपक्ष अपना आंदोलन नहीं रोकेगा।

राहुल गांधी ने कहा, “चाहे कुछ भी हो, चाहे कोई संस्था अपनी भूमिका निभाए या नहीं, राजनीतिक प्रतिरोध जारी रहेगा, जनता का प्रतिरोध जारी रहेगा और उसकी जीत होगी।” उनके बयान से स्पष्ट है कि विपक्ष कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ राजनीतिक और जन-आंदोलन के रास्ते पर भी आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है।

जंतर-मंतर के फैसले को भी चुनौती देगा विपक्ष

विपक्ष ने जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल का दर्जा दिए जाने की व्यवस्था रद्द करने के फैसले को भी चुनौती देने की बात कही है। विपक्षी नेताओं और छात्र संगठनों का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के लिए स्थान उपलब्ध होना लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रभावी इस्तेमाल से जुड़ा सवाल है। इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका और उससे संबंधित सुनवाई के बाद तय की जाएगी।

सोमवार को विपक्षी और छात्र नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था और अपनी मांगों से संबंधित याचिका सौंपने की बात कही थी। यह विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच हो रहा है।

कानूनी लड़ाई के साथ जन-आंदोलन की तैयारी

विपक्षी नेताओं, छात्र समूहों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने अगली रणनीति पर अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद लेने पर सहमति जताई है। राहुल गांधी का 24 घंटे में जुटने के लिए तैयार रहने का संदेश इस बात का संकेत है कि विपक्ष घटनाक्रम के अनुसार आंदोलन के अगले चरण को तेजी से आगे बढ़ाना चाहता है।

अब निगाहें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और उसके बाद विपक्ष की रणनीति पर रहेंगी। एक ओर अदालत में कानूनी चुनौती दी जा रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष राजनीतिक विरोध और जन-भागीदारी के जरिए अपनी मांगों को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।

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