अंतरराष्ट्रीय / ट्रैवल| ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 13 अक्टूबर 2026
सऊदी अरब में हवाई सेवाओं को लेकर बड़ा संकट सामने आया है। रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को 17 अक्टूबर, शनिवार तक बंद रखने की खबर है। इसके चलते IndiGo, अकासा एयर, Emirates, Etihad, flydubai, Air Arabia और Qatar Airways समेत कई एयरलाइंस ने सऊदी अरब के विभिन्न शहरों के लिए अपनी उड़ानें रद्द या अस्थायी रूप से रोक दी हैं। Lufthansa Group, Air France-KLM और Delta ने भी अपने उड़ान कार्यक्रमों में बदलाव किए हैं। इस घटनाक्रम से सऊदी अरब आने-जाने वाले यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, रियाद एयरपोर्ट बंद रहने और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति के कारण कई विमान सेवाओं को अपने परिचालन में बदलाव करना पड़ा है। हालांकि, अलग-अलग एयरलाइंस की उड़ानों की स्थिति और रद्दीकरण की अवधि अलग हो सकती है। यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन से ताजा जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।
हूती हमलों के बाद हवाई अड्डे पर असर
रिपोर्ट में हूती मिसाइल हमलों के बाद रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बंद रहने की जानकारी दी गई है। इसमें कम से कम 18 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोगों के घायल होने का दावा भी किया गया है। इन आंकड़ों और हमलों के विवरण की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
रिपोर्ट में प्रकाशित CCTV तस्वीर में एयरपोर्ट के एक हिस्से में धुआं और आग दिखाई देने का उल्लेख है। सऊदी अधिकारियों के हवाले से इसे एयरपोर्ट पर हमले से जुड़ा घटनाक्रम बताया गया है। इस तरह की सुरक्षा घटनाओं के बाद हवाई सेवाओं में बदलाव यात्रियों और विमानन कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
IndiGo, अकासा एयर और अन्य कंपनियों की उड़ानों पर असर
भारत से सऊदी अरब जाने वाले यात्रियों के लिए IndiGo और अकासा एयर की सेवाओं में बदलाव महत्वपूर्ण है। सऊदी अरब में काम करने वाले भारतीयों, वहां रहने वाले परिवारों और यात्रा की योजना बना रहे लोगों को अपनी उड़ानों की स्थिति पर नजर रखनी होगी।
Emirates, Etihad, flydubai, Air Arabia और Qatar Airways ने भी रियाद, दम्माम और सऊदी अरब के अन्य शहरों से जुड़ी उड़ानों को रद्द या स्थगित किया है। Lufthansa Group, Air France-KLM और Delta ने भी अपने कार्यक्रमों में बदलाव किए हैं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में प्रत्येक एयरलाइन की सभी रद्द उड़ानों की संख्या, उड़ान नंबर और प्रभावित मार्गों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए सभी उड़ानों को रद्द मानने के बजाय संबंधित एयरलाइन की आधिकारिक सूचना देखना जरूरी है।
आधे से ज्यादा उड़ानें प्रभावित होने का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, विमानन डेटा कंपनी Cirium के आंकड़ों का हवाला देते हुए Gulf News ने बताया कि रविवार को सऊदी अरब के हवाई अड्डों से रवाना होने वाली आधे से अधिक उड़ानें संचालित नहीं हुईं। यदि यह आंकड़ा संबंधित अवधि के लिए सही है, तो यह विमानन सेवाओं पर पड़े व्यापक असर को दर्शाता है।
उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों को टिकट बदलने, वैकल्पिक उड़ान खोजने और कनेक्टिंग फ्लाइट की व्यवस्था करने में परेशानी हो सकती है। खासकर उन यात्रियों के लिए मुश्किल बढ़ सकती है, जिनकी यात्रा दूसरे देशों के रास्ते निर्धारित थी।
भारतीय यात्रियों को क्या करना चाहिए?
सऊदी अरब जाने या वहां से भारत लौटने की योजना बना रहे यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए। एयरलाइन के आधिकारिक ऐप, वेबसाइट या ग्राहक सेवा से संपर्क करके रद्दीकरण, रीबुकिंग और रिफंड से संबंधित जानकारी ली जा सकती है। केवल पुरानी टिकट या पहले जारी किए गए यात्रा कार्यक्रम के आधार पर एयरपोर्ट के लिए रवाना होना जोखिम भरा हो सकता है।
यात्रियों को यह भी जांचना चाहिए कि उनकी कनेक्टिंग फ्लाइट प्रभावित तो नहीं हुई है। एयरपोर्ट बंद रहने की अवधि और सुरक्षा स्थिति में बदलाव के कारण उड़ानों का कार्यक्रम दोबारा बदल सकता है।
सुरक्षा स्थिति पर टिकी निगाहें
रियाद एयरपोर्ट के बंद रहने की बताई गई अवधि 17 अक्टूबर तक है, लेकिन उड़ानों की बहाली सुरक्षा स्थिति और संबंधित अधिकारियों के फैसलों पर निर्भर करेगी। फिलहाल यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि वे आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें और बिना पुष्टि के यात्रा न करें।
सऊदी अरब में हवाई सेवाओं पर संकट ने एक बार फिर दिखाया है कि क्षेत्रीय संघर्ष का असर केवल युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। इसका प्रभाव हजारों यात्रियों, विमानन कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय यात्रा नेटवर्क पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में एयरपोर्ट के दोबारा खुलने और उड़ान सेवाओं की सामान्य स्थिति बहाल होने पर सबकी निगाहें रहेंगी।



