राष्ट्रीय / नई दिल्ली | ABC NATIONAL NEWS | 5 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव से पहले BJP ने अपने 8 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, लेकिन इस सूची में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम गायब होना सबसे बड़ा राजनीतिक संकेत बनकर सामने आया है। पुरी का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो रहा है, लेकिन पार्टी ने उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, इसे केंद्रीय मंत्रिपरिषद में संभावित बड़े फेरबदल के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
BJP ने उत्तर प्रदेश से पूर्व लोकसभा सांसद प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार समेत आठ नेताओं को राज्यसभा के लिए मैदान में उतारा है। श्रुति गंगवार झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी और उत्तर प्रदेश BJP की प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। अन्य उम्मीदवारों में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय और राम प्रताप सिंह चौहान शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटें खाली हो रही हैं, जिनमें अभी आठ BJP के पास हैं, जबकि एक-एक सीट समाजवादी पार्टी और BSP के पास है। ऐसे में BJP का आठ उम्मीदवार उतारना उसकी मौजूदा ताकत को बरकरार रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
लेकिन राजनीतिक चर्चा का केंद्र उम्मीदवारों की सूची से ज्यादा हरदीप पुरी का बाहर होना है। पुरी मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों में शामिल हैं और उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजे जाने की स्थिति में उनके मंत्री पद को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं।
क्या मोदी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल होने वाला है?
फिलहाल BJP ने हरदीप पुरी को लेकर कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है और न ही पार्टी ने कैबिनेट फेरबदल की पुष्टि की है। लेकिन उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या राज्यसभा टिकटों का यह फैसला मोदी सरकार के अगले बड़े संगठनात्मक और मंत्रिस्तरीय बदलाव का संकेत है।
16 अक्टूबर को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की सूची ने एक सीट का फैसला तो साफ कर दिया, लेकिन हरदीप पुरी के भविष्य को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।



