अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | रियाद | 30 सितंबर 2026
इजरायल और सऊदी अरब के बीच कथित बातचीत की खबरों पर रियाद ने साफ इनकार कर दिया है। सऊदी अरब ने कहा है कि अबू धाबी में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की मुलाकात के बाद सऊदी प्रतिनिधियों ने किसी बैठक या बातचीत में हिस्सा नहीं लिया। सऊदी अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायल को लेकर रियाद की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।
सऊदी अधिकारी ने एएफपी से कहा कि इजरायल के साथ कोई आधिकारिक बैठक नहीं हुई, कोई बातचीत नहीं हुई और सऊदी प्रतिनिधियों ने ऐसी किसी चर्चा में हिस्सा नहीं लिया। अधिकारी के मुताबिक, इजरायल को लेकर सऊदी अरब का रुख पहले जैसा ही है।
मामला तब चर्चा में आया जब इजरायली मीडिया में ऐसी खबरें सामने आईं कि नेतन्याहू और यूएई राष्ट्रपति की मुलाकात के बाद हुई एक विस्तारित बैठक में सऊदी अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया था। रिपोर्टों में दावा किया गया कि बैठक में सुरक्षा सहयोग, ईरान, यमन के हूती विद्रोहियों और क्षेत्रीय रक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
हालांकि, सऊदी अरब ने इन खबरों को खारिज कर दिया। रियाद की ओर से कहा गया कि उसके किसी प्रतिनिधि ने ऐसी किसी आधिकारिक बैठक में हिस्सा नहीं लिया। इस स्पष्टीकरण के साथ सऊदी अरब ने यह संदेश भी दिया कि इजरायल के साथ उसके संबंधों को लेकर उसकी मौजूदा नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत नेतन्याहू की यूएई की अचानक हुई यात्रा से हुई। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, नेतन्याहू रविवार को बिना पूर्व सार्वजनिक घोषणा के अबू धाबी पहुंचे थे। वहां उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की। यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी WAM ने बाद में इस मुलाकात की पुष्टि की।
बताया गया कि दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों और इजरायल-यूएई रिश्तों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। नेतन्याहू निजी विमान से अबू धाबी पहुंचे थे और कुछ घंटे वहां रुकने के बाद इजरायल लौट गए।
नेतन्याहू की यूएई यात्रा पर ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। ईरानी विदेश मंत्रालय ने इजरायली प्रधानमंत्री की यूएई यात्रा की निंदा करते हुए क्षेत्रीय देशों को इजरायल की मौजूदगी से जुड़े सुरक्षा जोखिमों के प्रति सतर्क रहने की अपील की। ईरान ने इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर घटनाक्रम बताया।
इजरायल और यूएई ने 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता से हुए अब्राहम समझौते के तहत औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक और सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। यूएई ने इजरायल और अमेरिका के साथ संबंध बनाए रखने के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और अपने हितों के बीच संतुलन साधने की नीति अपनाई है।
सऊदी अरब और इजरायल के रिश्ते हालांकि यूएई-इजरायल संबंधों से अलग हैं। दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित नहीं हुए हैं। ऐसे में किसी संभावित सऊदी-इजरायल बैठक की खबर का सामने आना क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण माना जाता।
फिलहाल रियाद ने ऐसी किसी संभावना को लेकर साफ संदेश दिया है। सऊदी अधिकारी के मुताबिक, अबू धाबी में नेतन्याहू और यूएई नेतृत्व की बैठक के बाद सऊदी प्रतिनिधियों की कोई आधिकारिक बैठक या बातचीत नहीं हुई। साथ ही इजरायल को लेकर सऊदी अरब का मौजूदा रुख भी बदला नहीं है।
अबू धाबी में नेतन्याहू की मौजूदगी और उसके बाद सामने आई विरोधाभासी रिपोर्टों ने पश्चिम एशिया की जटिल कूटनीति को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि सऊदी अरब के ताजा बयान ने फिलहाल इजरायल के साथ किसी नई आधिकारिक बातचीत की खबरों पर विराम लगा दिया है।



