खेल | ABC NATIONAL NEWS | न्यूयॉर्क | 13 सितंबर 2026
फाइनल में रयबाकिना का तूफानी प्रदर्शन
कजाकिस्तान की एलेना रयबाकिना ने यूएस ओपन महिला एकल का खिताब जीतकर टेनिस की दुनिया में बड़ा धमाका कर दिया। शनिवार को खेले गए फाइनल में रयबाकिना ने दो बार की मौजूदा चैंपियन बेलारूस की आर्यना सबालेंका को 6-4, 5-7, 6-2 से हराया। इस जीत के साथ रयबाकिना ने पहली बार यूएस ओपन ट्रॉफी अपने नाम की और उनके ग्रैंड स्लैम खिताबों की संख्या अब तीन हो गई है।
सबालेंका की 20 मैचों की जीत का सिलसिला टूटा
फ्लशिंग मीडोज में सबालेंका का दबदबा लगातार दो साल से बना हुआ था। वह लगातार दो बार यूएस ओपन चैंपियन बन चुकी थीं और इस बार उनके पास लगातार तीसरा खिताब जीतकर सेरेना विलियम्स और क्रिस एवर्ट जैसे दिग्गजों की बराबरी करने का मौका था। लेकिन रयबाकिना ने फाइनल में उनकी इस ऐतिहासिक कोशिश को रोक दिया। इस हार के साथ यूएस ओपन में सबालेंका की 20 मैचों की लगातार जीत का सिलसिला भी टूट गया।
चोट ने पहले ही बढ़ा दी थी रयबाकिना की चुनौती
रयबाकिना के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही उनके टखने की चोट को लेकर सवाल उठ रहे थे। ऐसी आशंका थी कि चोट उनके अभियान को प्रभावित कर सकती है। लेकिन 27 वर्षीय रयबाकिना ने इन चिंताओं को पीछे छोड़ते हुए पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और आखिरकार सबसे बड़े मुकाबले में सबालेंका को मात दे दी।
ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद अब यूएस ओपन भी
रयबाकिना के लिए यह साल बेहद शानदार साबित हो रहा है। वह इस साल पहले ही ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीत चुकी हैं और अब यूएस ओपन भी उनके नाम हो गया है। यानी एक ही साल में दो बड़े ग्रैंड स्लैम खिताब जीतकर उन्होंने खुद को महिला टेनिस की सबसे मजबूत खिलाड़ियों में शामिल कर लिया है।
दबाव में भी नहीं टूटा रयबाकिना का धैर्य
फाइनल में सबालेंका ने दूसरा सेट जीतकर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया था। इसके बाद तीसरे सेट में दबाव और बढ़ गया। लेकिन रयबाकिना ने अपना संयम नहीं खोया। उन्होंने तीसरे सेट में 6-2 की शानदार जीत दर्ज कर मैच अपने नाम कर लिया। बड़े मंच पर उनका शांत और नियंत्रित खेल उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।
अब विश्व नंबर एक बनने की ओर बड़ा कदम
इस जीत के साथ रयबाकिना का दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनने का सफर भी पूरा हुआ। यानी यूएस ओपन की ट्रॉफी सिर्फ एक और ग्रैंड स्लैम जीत नहीं है, बल्कि महिला टेनिस में उनके शीर्ष स्थान की पुष्टि भी है।
सबालेंका का सपना टूटा, रयबाकिना ने रचा नया इतिहास
सबालेंका के सामने लगातार तीसरी बार न्यूयॉर्क की चैंपियन बनने का मौका था, लेकिन रयबाकिना ने उन्हें रोककर अपना नाम यूएस ओपन के इतिहास में दर्ज करा दिया। चोट की चिंता, फाइनल का दबाव और सामने दो बार की चैंपियन—इन सबके बावजूद रयबाकिना ने जिस तरह मुकाबला अपने नाम किया, वह उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है।
अब सवाल सिर्फ खिताब का नहीं
रयबाकिना के पास अब तीन ग्रैंड स्लैम खिताब हैं। ऑस्ट्रेलियन ओपन और यूएस ओपन की इस सफलता के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या 27 साल की रयबाकिना आने वाले वर्षों में महिला टेनिस की नई सबसे बड़ी ताकत बनने जा रही हैं?



