राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 20 जुलाई 2026
संसद के मानसून सत्र का पहला दिन सोमवार को जोरदार हंगामे की भेंट चढ़ गया। NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में सुधार और दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को लेकर विपक्ष ने लोकसभा और राज्यसभा में सरकार को घेर लिया। विपक्ष की मांग थी कि इन मुद्दों पर तत्काल चर्चा कराई जाए, लेकिन सहमति नहीं बनने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित होती रही और दिनभर कोई महत्वपूर्ण विधायी कामकाज नहीं हो सका।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्रों के आंदोलन और दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षाएं कराने में सक्षम नहीं है, तो उसे नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। हंगामे के बीच सभापति ने सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित की और गतिरोध दूर करने के लिए बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक भी बुलाई।
लोकसभा में भी स्थिति अलग नहीं रही। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए और परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक तथा छात्र आंदोलनों पर चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। स्पीकर ओम बिरला ने सदन में व्यवस्था बनाए रखने और प्रश्नकाल चलाने की अपील की, लेकिन शोर-शराबा जारी रहने के कारण कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। अंततः लोकसभा और राज्यसभा दोनों को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया।
संसद शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए सभी दलों से मानसून सत्र को सुचारु रूप से चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और सभी सांसदों को जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा में भाग लेना चाहिए। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में संकट के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था 7.7 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। उन्होंने देश की पहली निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 की सफलता और ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन जैसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का युवा नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव देकर NEET-UG, UGC-NET और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर चर्चा की मांग की। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की। राज्यसभा में कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने भी परीक्षा प्रणाली में कथित संकट और छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर चर्चा के लिए कार्यस्थगन नोटिस दिया।
उधर, संसद के बाहर भी CJP और छात्र संगठनों के प्रदर्शन का असर दिखाई दिया। संगठन ने सोशल मीडिया पर राज्यसभा में छात्र आंदोलन का मुद्दा उठाने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे का आभार व्यक्त किया। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार शांतिपूर्ण छात्र आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही है, जबकि सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है और संसद में विधायी कार्य बाधित नहीं होने चाहिए।
संसद के पहले दिन दोनों सदनों में दिवंगत नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों को श्रद्धांजलि भी दी गई। लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करने की कार्यसूची थी, जबकि राज्यसभा में ‘वंदे मातरम्’ के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने से संबंधित विधेयक सहित अन्य विधायी कार्य सूचीबद्ध थे। हालांकि लगातार हंगामे के कारण इन पर सार्थक चर्चा नहीं हो सकी।
मानसून सत्र के पहले ही दिन हुए इस गतिरोध से साफ संकेत मिल गए हैं कि आने वाले दिनों में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताएं, छात्र आंदोलन, शिक्षा व्यवस्था, वंदे मातरम् विधेयक और अन्य राजनीतिक मुद्दे संसद के भीतर और बाहर प्रमुख बहस का विषय बने रहेंगे। विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार को लगातार घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है, जबकि सरकार विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश में जुटी है।




