शिक्षा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 16 जुलाई 2026
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा घोषित NEET-UG 2026 री-एग्जाम के नतीजों में इस बार बेटियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों में 58 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं। इतना ही नहीं, महिलाओं का सफलता प्रतिशत भी पुरुषों से अधिक रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि देश की बेटियां मेडिकल शिक्षा की दौड़ में लगातार आगे बढ़ रही हैं।
NTA के अनुसार, इस वर्ष लगभग 20 लाख अभ्यर्थियों ने NEET-UG री-एग्जाम दिया, जिनमें से 11.21 लाख उम्मीदवार मेडिकल, डेंटल, आयुष और अन्य संबद्ध स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पात्र घोषित किए गए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, परीक्षा में शामिल होने वाली 56.8 प्रतिशत महिला अभ्यर्थी सफल रहीं, जबकि पुरुषों का सफलता प्रतिशत 55.1 प्रतिशत रहा। सफल उम्मीदवारों में महिलाओं की हिस्सेदारी 58 प्रतिशत से अधिक होना इस वर्ष के परिणाम की सबसे बड़ी विशेषता मानी जा रही है।
इस बार पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से ऑल इंडिया टॉपर बनने का गौरव हासिल किया। दोनों ने देशभर के लाखों अभ्यर्थियों के बीच सर्वोच्च अंक प्राप्त किए।
NTA ने बताया कि परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकांश छात्र 17 से 19 वर्ष आयु वर्ग के हैं। 720 में से 690 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 138 अभ्यर्थियों में से 93 प्रतिशत से अधिक पहली बार NEET परीक्षा में शामिल हुए थे, जबकि लगभग 99 प्रतिशत उम्मीदवारों की उम्र 17 से 19 वर्ष के बीच है।
स्कोर वितरण पर नजर डालें तो:
– 19 अभ्यर्थियों ने 700 से अधिक अंक हासिल किए।
– 1,492 अभ्यर्थियों ने 650 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए।
– 10,160 अभ्यर्थियों के 600 से अधिक अंक आए।
– 90,780 उम्मीदवारों ने 500 या उससे अधिक अंक हासिल किए।
ये आंकड़े बताते हैं कि इस बार भी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी रही। कुछ अंकों का अंतर भी हजारों रैंक का फर्क पैदा कर सकता है।
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित मूल NEET-UG परीक्षा को कथित प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद NTA ने दोबारा परीक्षा आयोजित की। री-एग्जाम देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में स्थित 5,440 परीक्षा केंद्रों पर कराया गया।
अभ्यर्थी अपना स्कोरकार्ड neet.nta.nic.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। परिणाम जारी होने के बाद अब मेडिकल काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके माध्यम से सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष तथा अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलेगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं का लगातार बेहतर प्रदर्शन यह दर्शाता है कि देश में उच्च शिक्षा, विशेषकर चिकित्सा क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। यह न केवल शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का संकेत है, बल्कि भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं में महिला डॉक्टरों की संख्या बढ़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
NEET-UG 2026 का परिणाम एक बार फिर यह साबित करता है कि कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद भारतीय छात्र-छात्राएं उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और उनमें भी बेटियां लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।
NEET-UG 2026 री-एग्जाम का रिजल्ट जारी, 11.21 लाख छात्रों ने मेडिकल प्रवेश के लिए किया क्वालिफाई




