शिक्षा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 16 जुलाई 2026
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात NEET-UG 2026 री-एग्जाम का परिणाम घोषित कर दिया। इस परीक्षा में 11.21 लाख अभ्यर्थियों ने मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए निर्धारित योग्यता हासिल की है। परिणाम घोषित होने के साथ ही देशभर के लाखों छात्र-छात्राओं का लंबा इंतजार खत्म हो गया है और अब उनकी निगाहें मेडिकल काउंसलिंग तथा सीट आवंटन प्रक्रिया पर टिकी हैं।
इस वर्ष की परीक्षा कई कारणों से चर्चा में रही। 3 मई 2026 को आयोजित मूल NEET-UG परीक्षा को 12 मई को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठने के बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया। इसके बाद 16 जुलाई को री-एग्जाम आयोजित किया गया, जिसका परिणाम अब घोषित कर दिया गया है।
NTA के अनुसार, इस बार पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 715 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से अखिल भारतीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया है। दोनों छात्रों का प्रदर्शन देशभर के अभ्यर्थियों में सबसे बेहतर रहा।
एजेंसी ने परिणाम के साथ ऑल इंडिया रैंक (AIR), राज्यवार टॉपर्स, श्रेणीवार टॉपर्स, क्वालिफाइंग कट-ऑफ और भाषा-वार भागीदारी से जुड़ी सूची भी जारी की है। इससे छात्रों को अपनी रैंक और आगे की प्रवेश प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
अभ्यर्थी अपना परिणाम NTA की आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर देख सकते हैं। वेबसाइट पर आवेदन संख्या और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करने के बाद स्कोरकार्ड डाउनलोड किया जा सकता है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने स्कोरकार्ड की एक से अधिक प्रतियां सुरक्षित रखें, क्योंकि काउंसलिंग और दस्तावेज़ सत्यापन के दौरान इसकी आवश्यकता होगी।
अब परिणाम जारी होने के बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण मेडिकल काउंसलिंग का होगा। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) द्वारा अखिल भारतीय कोटे की सीटों के लिए काउंसलिंग आयोजित की जाएगी, जबकि राज्य सरकारें अपने-अपने राज्य कोटे की सीटों के लिए अलग काउंसलिंग प्रक्रिया संचालित करेंगी। छात्रों को अपनी रैंक, श्रेणी और पसंद के कॉलेज के अनुसार विकल्प भरने होंगे।
इस वर्ष NEET-UG केवल एक प्रवेश परीक्षा नहीं रही, बल्कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी बड़ी बहस का विषय बनी। प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों को दोबारा तैयारी करनी पड़ी। इससे छात्रों और उनके परिवारों पर मानसिक और शैक्षणिक दबाव भी बढ़ा। हालांकि री-एग्जाम के सफल आयोजन और समय पर परिणाम घोषित होने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि प्रवेश प्रक्रिया बिना किसी बड़ी बाधा के आगे बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखना केवल छात्रों के भविष्य के लिए ही नहीं, बल्कि देश की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता के लिए भी आवश्यक है। पिछले कुछ वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर उठे सवालों ने परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही बढ़ा दी है। ऐसे में NEET-UG 2026 का री-एग्जाम और उसका परिणाम भविष्य में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
अब देशभर के लाखों सफल अभ्यर्थी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की अगली प्रक्रिया की तैयारी में जुट जाएंगे। आने वाले दिनों में काउंसलिंग का विस्तृत कार्यक्रम जारी होने की उम्मीद है, जिसके बाद सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस तथा अन्य स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश का रास्ता साफ होगा।




