शिक्षा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 9 जून 2026
NEET-UG 2026 की दोबारा होने वाली परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा के प्रश्न पत्रों को इस बार निजी एजेंसियों के बजाय भारतीय वायुसेना और डाक विभाग की मदद से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रश्न पत्रों को सबसे पहले भारतीय वायुसेना के विमानों से देशभर के 18 क्षेत्रीय केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद डाक विभाग की निगरानी में इन्हें संबंधित परीक्षा केंद्रों तक भेजा जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। प्रश्न पत्रों की निगरानी केंद्रीय सुरक्षा बलों, स्थानीय पुलिस, एनटीए और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की टीमों द्वारा की जाएगी।
देश के लगभग 552 शहरों और विदेश के 14 शहरों में NEET-UG परीक्षा आयोजित की जाती है। पिछले वर्ष पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कई सुझाव दिए गए थे। इन्हीं सुझावों के आधार पर इस बार निजी एजेंसियों की भूमिका समाप्त कर सरकारी संस्थाओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सूत्रों के मुताबिक हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में परीक्षा सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा हुई थी। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे। माना जा रहा है कि इसी बैठक के बाद प्रश्न पत्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए डाक विभाग और वायुसेना की सेवाएं लेने का फैसला किया गया।
सरकार का दावा है कि इस बार परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पेपर लीक की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा पर शिक्षा मंत्रालय, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) भी लगातार नजर बनाए हुए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि लाखों छात्रों का विश्वास दोबारा मजबूत किया जा सके और परीक्षा निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।




