राजनीति / राष्ट्रीय | अवधेश झा | ABC NATIONAL NEWS | चेन्नई | 7 जून 2026
चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) के संस्थापक और अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन ने खुलासा किया है कि कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार प्रवीण चक्रवर्ती ने नामांकन दाखिल करने से पहले उनकी पार्टी से समर्थन मांगा था। इस बयान के बाद राज्य की सियासत में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं, क्योंकि राज्यसभा चुनावों में सहयोगी दलों के समर्थन को लेकर लगातार राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान थिरुमावलवन ने कहा कि प्रवीण चक्रवर्ती ने स्वयं उन्हें फोन कर जानकारी दी थी कि वह राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस की ओर से VCK का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए पूर्व विधायक एस.एस. बालाजी को नामांकन प्रक्रिया में शामिल होने का अनुरोध किया गया था। थिरुमावलवन ने कहा कि यह एक सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार और सहयोगी दलों के बीच संवाद की प्रक्रिया का हिस्सा था।
इस दौरान जब उनसे चुनाव बाद तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के नेतृत्व वाले संभावित गठबंधन को लेकर प्रवीण चक्रवर्ती द्वारा सोशल मीडिया पर इस्तेमाल किए गए एक नए नाम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि संभव है TVK भविष्य में इस विषय पर उनसे बातचीत करना चाहे। उनके इस बयान ने तमिलनाडु में संभावित नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलों को और हवा दे दी है।
राज्यसभा चुनावों के मद्देनजर तमिलनाडु में विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने सहयोगियों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं। कांग्रेस, डीएमके और उनके सहयोगी दलों के बीच समन्वय को लेकर लगातार बैठकें और चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे समय में थिरुमावलवन का यह बयान यह संकेत देता है कि कांग्रेस अपने उम्मीदवार के लिए सहयोगी दलों का समर्थन सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव भले ही प्रत्यक्ष जनमत से न जुड़े हों, लेकिन ये चुनाव गठबंधन राजनीति की मजबूती और सहयोगी दलों के बीच रिश्तों का महत्वपूर्ण संकेत देते हैं। तमिलनाडु की राजनीति में VCK का प्रभाव सीमित सीटों के बावजूद महत्वपूर्ण माना जाता है और सामाजिक न्याय तथा दलित राजनीति के मुद्दों पर पार्टी की अलग पहचान है। ऐसे में कांग्रेस उम्मीदवार द्वारा समर्थन मांगना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
फिलहाल राज्यसभा चुनाव को लेकर तमिलनाडु में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और विभिन्न दल अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बनाने में जुटे हैं। थिरुमावलवन के बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान सहयोगी दलों के बीच लगातार संवाद बना हुआ है। अब सभी की नजर आगामी चुनावी घटनाक्रम और संभावित राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हुई है।




