अंतरराष्ट्रीय | अमित भास्कर | ABC NATIONAL NEWS | बीजिंग/वॉशिंगटन | 6 जून 2026
अमेरिका और क्यूबा के बीच बढ़ते तनाव के बीच चीन की एक रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी ने बड़ा दावा किया है। चीन की जिंगान टेक्नोलॉजी (Jingan Technology) ने अपनी एक विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में कहा है कि यदि अमेरिका क्यूबा के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करता है तो इसकी सबसे अधिक संभावना इसी गर्मी के दौरान बन सकती है। कंपनी का दावा है कि हाल के महीनों में क्यूबा के आसपास अमेरिकी सैन्य गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है और वॉशिंगटन राजनीतिक तथा रणनीतिक कारणों से किसी सीमित सैन्य अभियान पर विचार कर सकता है।
हांगझोउ स्थित जिंगान टेक्नोलॉजी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), उपग्रह निगरानी और सैन्य गतिविधियों के विश्लेषण के आधार पर कहा है कि संभावित अमेरिकी कार्रवाई पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बजाय “डिकैपिटेशन एंड पैरालिसिस” यानी क्यूबा के शीर्ष नेतृत्व और सैन्य कमान को निष्क्रिय करने वाले तेज अभियान के रूप में हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका क्यूबा की भौगोलिक निकटता और अपने क्षेत्रीय सैन्य ठिकानों के कारण बहुत कम समय में प्रारंभिक हमला करने की क्षमता रखता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के साथ जारी संघर्ष के बाद अमेरिका को अपने प्रभाव और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए पश्चिमी गोलार्ध में एक प्रतीकात्मक लेकिन तेज़ रणनीतिक जीत की आवश्यकता महसूस हो सकती है। इसी संदर्भ में क्यूबा को संभावित लक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है। जिंगान टेक्नोलॉजी का मानना है कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव भी इस समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राजनीतिक समर्थन मजबूत करने के लिए किसी त्वरित सफलता की तलाश कर सकते हैं।
चीनी कंपनी ने दावा किया है कि अप्रैल के मध्य से क्यूबा के आसपास अमेरिकी टोही गतिविधियों में वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार P-8A पोसाइडन और MQ-4C ट्राइटन जैसे उन्नत निगरानी विमानों की उड़ानें बढ़ी हैं। इसके अलावा अमेरिकी नौसेना की कई महत्वपूर्ण परिसंपत्तियां भी क्षेत्र में सक्रिय देखी गई हैं। रिपोर्ट में USS Nimitz कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की कैरेबियाई क्षेत्र में मौजूदगी को भी महत्वपूर्ण संकेत माना गया है।
हालांकि जिंगान टेक्नोलॉजी ने यह भी स्वीकार किया है कि अभी तक ऐसे स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं जो तत्काल युद्ध की पुष्टि करें। कंपनी के अनुसार ईरान युद्ध की दिशा और मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य प्रतिबद्धताएं क्यूबा के खिलाफ किसी भी संभावित कार्रवाई को प्रभावित कर सकती हैं। यदि ईरान संघर्ष लंबा खिंचता है तो अमेरिका के लिए क्यूबा मोर्चे पर कार्रवाई करना कठिन हो सकता है।
विश्लेषण में यह भी कहा गया है कि यदि अमेरिका और क्यूबा के बीच पर्दे के पीछे चल रही कूटनीतिक बातचीत में कोई महत्वपूर्ण सफलता मिलती है तो सैन्य कार्रवाई की संभावना कम हो सकती है। हालांकि कंपनी ने ऐसे किसी बड़े कूटनीतिक समाधान की संभावना को फिलहाल सीमित बताया है। रिपोर्ट के अनुसार संभावित सैन्य अभियान की शुरुआत साइबर हमलों, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और संचार तंत्र को बाधित करने जैसी गतिविधियों से हो सकती है, जिसके बाद नेतृत्व को निशाना बनाने वाले विशेष अभियान चलाए जा सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी क्यूबा के खिलाफ कड़े रुख का संकेत दे चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि ईरान से जुड़े मौजूदा संकट के बाद उनका प्रशासन क्यूबा के मुद्दे को भी प्राथमिकता से देखेगा। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अब तक कूटनीतिक समाधान को प्राथमिक विकल्प बताया है।
फिलहाल अमेरिकी प्रशासन ने चीनी कंपनी के इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन इस रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्यूबा को लेकर अमेरिका की नीति आने वाले महीनों में वैश्विक राजनीति और लैटिन अमेरिका की स्थिरता पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।




