मनोरंजन | समा मेहरा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 1 जून 2026
बॉलीवुड अभिनेत्री कियारा आडवाणी ने मातृत्व और महिलाओं के प्रति समाज के बदलते नजरिए पर खुलकर अपनी बात रखी है। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को सम्मान, प्रशंसा और विशेष महत्व दिया जाता है, लेकिन बच्चे के जन्म के बाद वही समाज उनके शरीर, वजन और जीवनशैली को लेकर आलोचना करने लगता है। कियारा ने कहा कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को “ग्लोइंग”, “खूबसूरत” और “देवी” जैसे विशेषणों से नवाजा जाता है, लेकिन जैसे ही बच्चा जन्म लेता है, चर्चा उनके रूप-रंग और फिटनेस पर केंद्रित हो जाती है। उन्होंने इस प्रवृत्ति को समाज की “टॉक्सिक सच्चाई” करार दिया।
अभिनेत्री के अनुसार, मातृत्व के बाद का दौर किसी भी महिला के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद संवेदनशील होता है। ऐसे समय में महिलाओं को सहानुभूति, सहयोग और भावनात्मक समर्थन की आवश्यकता होती है, लेकिन अक्सर उन पर जल्द से जल्द पहले जैसी फिटनेस और दिनचर्या में लौटने का दबाव बनाया जाता है।
कियारा ने कहा कि मातृत्व केवल बच्चे को जन्म देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक नई जिम्मेदारी और जीवन की महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं का मूल्यांकन उनके वजन या शारीरिक बनावट से नहीं, बल्कि उनके साहस, समर्पण और मातृत्व की जिम्मेदारियों से किया जाना चाहिए।
कियारा के इस बयान को सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिल रहा है। कई महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनकी बातों का समर्थन करते हुए कहा कि मातृत्व के बाद होने वाली बॉडी-शेमिंग और सामाजिक दबाव पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है। उनका मानना है कि महिलाओं को उनके जीवन के इस महत्वपूर्ण चरण में आलोचना नहीं, बल्कि सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए।



