विज्ञान / तकनीकी / टेक्नोलॉजी | ABC NATIONAL NEWS | बीजिंग | 30 मई 2026
शेनझोउ-21 मिशन की सफल वापसी, तीनों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित लौटे
चीन ने एक बार फिर अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अपनी बढ़ती ताकत का प्रदर्शन करते हुए शेनझोउ-21 मानव अंतरिक्ष मिशन को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। शुक्रवार शाम चीन के तीनों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौट आए। चीन मानव अंतरिक्ष एजेंसी (CMSA) के अनुसार, रिटर्न कैप्सूल इनर मंगोलिया के डोंगफेंग लैंडिंग स्थल पर सफलतापूर्वक उतरा और चिकित्सा टीम ने पुष्टि की कि सभी अंतरिक्ष यात्री पूरी तरह स्वस्थ हैं। इस सफल वापसी के साथ चीन ने अपने सबसे महत्वपूर्ण मानव अंतरिक्ष अभियानों में एक और उपलब्धि अपने नाम कर ली है।
210 दिन अंतरिक्ष में रहकर बनाया नया रिकॉर्ड
शेनझोउ-21 मिशन केवल एक नियमित अंतरिक्ष यात्रा नहीं था, बल्कि इसने चीन के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम में नया इतिहास रच दिया। अंतरिक्ष यात्री झांग लू, वू फेई और झांग होंगझांग ने 210 दिनों तक चीन के अंतरिक्ष स्टेशन में रहकर काम किया। यह किसी भी चीनी अंतरिक्ष दल द्वारा अंतरिक्ष में बिताया गया सबसे लंबा एकल मिशन माना जा रहा है। इस दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी परीक्षण और अंतरिक्ष स्टेशन के रखरखाव से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए।
अंतरिक्ष में किए कई ऐतिहासिक कार्य
अपने लंबे प्रवास के दौरान शेनझोउ-21 दल ने तीन स्पेसवॉक (अंतरिक्ष यात्राएं) कीं और अंतरिक्ष स्टेशन की सुरक्षा तथा संचालन से जुड़े कई जटिल कार्य पूरे किए। दल ने अंतरिक्ष मलबे से सुरक्षा उपकरण स्थापित किए, माल हस्तांतरण के अनेक अभियान पूरे किए और अंतरिक्ष स्टेशन के विभिन्न मॉड्यूलों का निरीक्षण किया। इसके अलावा माइक्रोग्रैविटी फिजिक्स, अंतरिक्ष चिकित्सा, जीवन विज्ञान और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से जुड़े कई वैज्ञानिक प्रयोग भी सफलतापूर्वक संचालित किए गए। इन प्रयोगों से प्राप्त आंकड़े भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
आपात परिस्थितियों के बीच भी मिशन रहा सफल
शेनझोउ-21 मिशन कई ऐतिहासिक और चुनौतीपूर्ण घटनाओं का भी गवाह बना। यह पहला अवसर था जब अंतरिक्ष मलबे के प्रभाव के कारण किसी मिशन की वापसी को स्थगित करना पड़ा। इसके अलावा यह पहला चीनी मिशन भी बना जिसमें अंतरिक्ष यात्री जिस यान से अंतरिक्ष में गए थे, उसी से वापस नहीं लौटे। मिशन के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों के कारण शेनझोउ-22 यान को विशेष रूप से लॉन्च किया गया और उसी के माध्यम से अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई। इस पूरे अभियान ने चीन की आपातकालीन अंतरिक्ष प्रबंधन क्षमता को भी दुनिया के सामने प्रदर्शित किया।
अंतरिक्ष यात्रियों ने साझा किए अपने अनुभव
पृथ्वी पर लौटने के बाद अंतरिक्ष यात्रियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए भावुक संदेश दिए। मिशन कमांडर झांग लू ने कहा कि अंतरिक्ष में बिताए गए महीनों ने उन्हें यह महसूस कराया कि किसी व्यक्ति के सपनों के पीछे पूरे राष्ट्र का समर्पण और समर्थन खड़ा होता है। उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन से एक विशेष सेब भी वापस लाया जिस पर चीनी भाषा में “शांति” शब्द लिखा हुआ था। सबसे युवा अंतरिक्ष यात्री वू फेई ने कहा कि अंतरिक्ष में बिताया गया समय उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बन गया है और वे भविष्य में भी चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए काम करते रहेंगे। वहीं झांग होंगझांग ने कहा कि अंतरिक्ष से पृथ्वी को देखने पर मानवता की एकता और साझा भविष्य का एहसास होता है।
चीन की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को मिली नई उड़ान
शेनझोउ-21 मिशन की सफलता ऐसे समय में आई है जब चीन चंद्रमा और गहरे अंतरिक्ष अभियानों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीते कुछ वर्षों में चीन ने अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित किया है, कई सफल मानव मिशन पूरे किए हैं और चंद्रमा पर दीर्घकालिक उपस्थिति की योजना पर भी काम कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि शेनझोउ-21 मिशन से प्राप्त अनुभव और वैज्ञानिक आंकड़े चीन के भविष्य के चंद्र मिशनों तथा अंतरिक्ष अन्वेषण कार्यक्रमों के लिए मजबूत आधार तैयार करेंगे।
दुनिया की अंतरिक्ष दौड़ में चीन का बढ़ता दबदबा
एक समय केवल अमेरिका और रूस तक सीमित मानी जाने वाली मानव अंतरिक्ष उड़ानों की दुनिया में चीन अब तीसरी सबसे बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित हो चुका है। शेनझोउ-21 मिशन की सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चीन केवल अंतरिक्ष में मौजूदगी दर्ज कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह दीर्घकालिक मानव अंतरिक्ष अभियानों और उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधानों में भी अग्रणी भूमिका निभाने की तैयारी कर चुका है। 210 दिनों तक अंतरिक्ष में रहकर सुरक्षित वापसी करने वाले इस मिशन ने चीन को वैश्विक अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा में और मजबूत स्थिति प्रदान की है।



