अंतरराष्ट्रीय | एजेंसी/ ABC NATIONAL NEWS | बीजिंग / बेलग्रेड | 28 मई 2026
दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच China और Serbia ने तकनीकी सहयोग को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। सर्बिया के राष्ट्रपति Aleksandar Vucic ने चीन के झेजियांग प्रांत के जियाशिंग शहर में Minth Group की अत्याधुनिक फैक्ट्री का दौरा किया, जहां ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने पारंपरिक सर्बियाई नृत्य प्रस्तुत कर सबको चौंका दिया। इस दौरान वुचिच ने कहा कि चीन की रोबोटिक्स तकनीक “दैनिक जीवन को पूरी तरह बदलने की क्षमता” रखती है और जल्द ही ऐसे रोबोट सर्बिया में भी बनाए जाएंगे।
यह दौरा केवल तकनीकी प्रदर्शन नहीं बल्कि यूरोप में चीन की बढ़ती AI और रोबोटिक्स रणनीति का बड़ा संकेत माना जा रहा है। चीन की कंपनियां अब केवल सस्ते उत्पाद निर्यात करने तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि वे यूरोप के भीतर हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित कर वैश्विक सप्लाई चेन में अपना प्रभाव बढ़ाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
Minth Group ने 2018 से अब तक सर्बिया में 10 फैक्ट्रियां स्थापित की हैं और लगभग 3,500 स्थानीय लोगों को रोजगार दिया है। अब दोनों देशों के बीच ह्यूमनॉइड रोबोट उत्पादन को लेकर भी सहयोग तय हुआ है। फरवरी 2026 में राष्ट्रपति वुचिच ने घोषणा की थी कि सर्बिया चीन की रोबोटिक्स कंपनी AGIBOT और Minth Group के साथ मिलकर यूरोप का पहला बड़े पैमाने का ह्यूमनॉइड रोबोट उत्पादन केंद्र बनाएगा। लक्ष्य है कि 2026 के भीतर बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू हो जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं बल्कि “चीनी तकनीकी प्रभाव” को यूरोप में स्थापित करने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। चीन लंबे समय से AI, ऑटोमेशन, इलेक्ट्रिक व्हीकल और रोबोटिक्स में अमेरिका और पश्चिमी देशों को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है। अब सर्बिया जैसे देशों के जरिए चीन यूरोप के भीतर तकनीकी और औद्योगिक पहुंच मजबूत करना चाहता है।
नवंबर 2025 में हुई चीन-सर्बिया विज्ञान एवं तकनीकी सहयोग समिति की बैठक में AI और डिजिटल इकोनॉमी को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया था। अब यह साझेदारी शोध और प्रयोगशाला से निकलकर सीधे हाई-एंड मैन्युफैक्चरिंग तक पहुंच गई है। इससे सर्बिया को भी फायदा होने की उम्मीद है क्योंकि वह खुद को बाल्कन क्षेत्र में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और AI टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करना चाहता है।
पश्चिमी विश्लेषक इस पूरे घटनाक्रम को भू-राजनीतिक नजरिए से भी देख रहे हैं। उनका मानना है कि चीन केवल तकनीक नहीं बेच रहा बल्कि “टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम” तैयार कर रहा है, जिससे यूरोप के कुछ हिस्सों में चीनी तकनीकी निर्भरता बढ़ सकती है। यही कारण है कि अमेरिका और यूरोपीय संघ पहले से ही चीनी AI और हाई-टेक निवेशों को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।
रोबोटिक्स और AI की यह नई साझेदारी आने वाले समय में वैश्विक रोजगार बाजार, उत्पादन व्यवस्था और सैन्य तकनीक तक पर असर डाल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार ह्यूमनॉइड रोबोट भविष्य की फैक्ट्रियों, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा और घरेलू जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रहे हैं। ऐसे में चीन का यूरोप में इस क्षेत्र में प्रवेश केवल आर्थिक कदम नहीं बल्कि भविष्य की वैश्विक तकनीकी शक्ति संतुलन की लड़ाई भी माना जा रहा है।
दुनिया अब केवल पारंपरिक हथियारों या आर्थिक ताकत से नहीं बल्कि AI, रोबोटिक्स और डेटा के आधार पर नई महाशक्तियों को पहचान रही है। चीन और सर्बिया की यह साझेदारी उसी बदलती दुनिया का संकेत है, जहां तकनीक ही भविष्य की सबसे बड़ी भू-राजनीतिक शक्ति बनने जा रही है।




