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अल्जीरिया-चीन के बीच बड़ा समुद्री समझौता! बंदरगाहों के आधुनिकीकरण और ड्रेजिंग में बढ़ेगा ड्रैगन का दबदबा

अंतरराष्ट्रीय | एजेंसी / ABC NATIONAL NEWS | अल्जीयर्स | 28 मई 2026

अफ्रीका और भूमध्यसागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती रणनीतिक मौजूदगी के बीच Algeria और China के बीच एक बड़ा समुद्री और इंफ्रास्ट्रक्चर समझौता हुआ है। अल्जीरिया की Maritime Works Group (GTM) और चीन की दिग्गज कंपनी China Harbor Engineering Company ने राष्ट्रीय बंदरगाहों में ड्रेजिंग और समुद्री विकास कार्यों के लिए संयुक्त उपक्रम यानी Joint Venture बनाने पर सहमति जताई है। यह समझौता अल्जीयर्स में सार्वजनिक निर्माण मंत्रालय की निगरानी में हुआ, जिसकी देखरेख अल्जीरिया के मंत्री अब्देलकादेर जेल्लावी ने की।

इस समझौते को केवल तकनीकी साझेदारी नहीं बल्कि चीन की वैश्विक समुद्री रणनीति का एक और बड़ा कदम माना जा रहा है। ड्रेजिंग यानी समुद्री तल की खुदाई और गहराई बढ़ाने का काम किसी भी देश की बंदरगाह क्षमता, व्यापारिक जहाजों की आवाजाही और रणनीतिक समुद्री नियंत्रण के लिए बेहद अहम होता है। समझौते के तहत अल्जीरिया के राष्ट्रीय बंदरगाहों, नेविगेशन चैनलों, हार्बर बेसिन और पोर्ट एंट्री पॉइंट्स की गहराई को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बहाल और विकसित किया जाएगा।

अल्जीरिया सरकार का कहना है कि इससे बंदरगाहों की क्षमता और व्यापारिक गतिविधियों में बड़ा सुधार होगा, जहाजों की आवाजाही सुगम बनेगी और देश की समुद्री अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। लेकिन अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक विशेषज्ञ इस समझौते को केवल आर्थिक परियोजना के रूप में नहीं देख रहे। उनका मानना है कि चीन धीरे-धीरे अफ्रीका, हिंद महासागर और भूमध्यसागर क्षेत्र में अपने समुद्री प्रभाव को मजबूत कर रहा है और यह समझौता उसी लंबी रणनीति का हिस्सा है।

China Harbor Engineering Company पहले भी एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व के कई देशों में बड़े बंदरगाह और समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुकी है। चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) रणनीति के तहत बंदरगाहों और समुद्री मार्गों पर पकड़ बनाना उसकी वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक नीति का अहम हिस्सा माना जाता है। यही कारण है कि पश्चिमी देश और कई रणनीतिक विश्लेषक चीन की ऐसी परियोजनाओं को केवल व्यापारिक निवेश नहीं बल्कि “भू-राजनीतिक विस्तार” के रूप में देखते हैं।

अफ्रीका में चीन पहले ही रेलवे, बंदरगाह, सड़क, खनन और ऊर्जा परियोजनाओं में अरबों डॉलर का निवेश कर चुका है। अब अल्जीरिया के साथ यह नई साझेदारी उत्तरी अफ्रीका में चीन की स्थिति को और मजबूत कर सकती है। भूमध्यसागर के करीब स्थित अल्जीरिया रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण देश माना जाता है और यहां चीन की बढ़ती मौजूदगी यूरोप और पश्चिमी शक्तियों की चिंता भी बढ़ा सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रेजिंग प्रोजेक्ट्स केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं होते, बल्कि भविष्य में नौसैनिक और सामरिक उपयोग की संभावनाएं भी पैदा करते हैं। यही वजह है कि चीन के हर बड़े पोर्ट निवेश को अब वैश्विक शक्ति संतुलन के नजरिए से देखा जाता है।

इस समझौते से साफ संकेत मिल रहा है कि चीन वैश्विक समुद्री व्यापार और रणनीतिक जलमार्गों पर अपनी पकड़ लगातार मजबूत कर रहा है। आने वाले वर्षों में अफ्रीका और मध्य पूर्व में चीन की बढ़ती समुद्री सक्रियता दुनिया की बड़ी शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकती है।

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