राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 25 मई 2026
पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए जांच CBI को सौंपने के मध्य प्रदेश सरकार के फैसले का समर्थन किया है। अदालत ने साफ कहा कि मामले को लेकर ऐसा “नैरेटिव” बनाया जा रहा था, जिससे यह संदेश जा रहा था कि पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच नहीं मिल रही।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए विशेष सुनवाई की और कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। अदालत ने मीडिया को भी सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि संभावित गवाहों या आरोपियों के बयान रिकॉर्ड कर “मीडिया ट्रायल” जैसी स्थिति न बनाई जाए।
कोर्ट ने कहा कि जिन मुद्दों की जांच अभी बाकी है, उन पर पहले से निष्कर्ष निकालना न्याय प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। न्यायालय ने मीडिया संस्थानों से जिम्मेदारी और संयम बरतने की अपील की है।
दरअसल, ट्विशा शर्मा की मौत के बाद सोशल मीडिया और टीवी डिबेट्स में इस मामले को लेकर भारी बहस शुरू हो गई थी। परिवार की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग उठाई जा रही थी, जबकि कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी मामले में सवाल खड़े किए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने 23 मई की रात इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए “In Re: Alleged Institutional Bias and Procedural Differences In The Unnatural Death Of A Young Girl At Her Matrimonial Home” शीर्षक से केस दर्ज किया था। सोमवार को हुई सुनवाई में अदालत ने CBI जांच को उचित बताते हुए आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह कदम इस हाई-प्रोफाइल मामले में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की कोशिश है। वहीं अदालत की मीडिया को दी गई नसीहत ने “मीडिया ट्रायल बनाम निष्पक्ष जांच” की बहस को भी फिर केंद्र में ला दिया है।
फिलहाल पूरे देश की नजर अब CBI जांच पर टिकी है, क्योंकि इस मामले ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बड़ा जनचर्चा का रूप ले लिया है।




