अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली/बेंगलुरु | 25 मई 2026
दुनिया की बदलती भू-राजनीति, भारत-चीन संबंध, पश्चिम एशिया और यूरोप के संघर्षों के बीच वैश्विक शक्ति संतुलन पर चर्चा के लिए “The Hindu Huddle 2026” का आयोजन 5 और 6 जून को बेंगलुरु में होने जा रहा है। इस वर्ष सम्मेलन की थीम — “The World in Transition” रखी गई है, जिसमें दुनिया के बदलते राजनीतिक और रणनीतिक समीकरणों पर गहन चर्चा होगी।
सम्मेलन में वरिष्ठ राजनयिक, नीति विशेषज्ञ, रणनीतिक विश्लेषक और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार हिस्सा लेंगे। खास बात यह है कि भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे और भारत-चीन संबंधों के 75 वर्षों, गलवान संघर्ष के बाद बदले हालात और दोनों देशों की वैश्विक भूमिका पर अपने विचार रखेंगे।
बताया जा रहा है कि सम्मेलन में पश्चिम एशिया में जारी तनाव, ईरान संकट, यूरोप के युद्ध, अमेरिका-चीन प्रतिद्वंद्विता और “मिडिल पावर्स” यानी भारत जैसे देशों की बढ़ती भूमिका पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया अब एक नए संक्रमण काल से गुजर रही है, जहां पारंपरिक महाशक्तियों के साथ-साथ भारत, जापान और यूरोपीय देशों जैसी “मध्य शक्तियां” भी वैश्विक फैसलों में निर्णायक भूमिका निभाने लगी हैं। ऐसे समय में Huddle 2026 को अंतरराष्ट्रीय रणनीति और कूटनीति के बड़े मंच के रूप में देखा जा रहा है।
भारत-चीन संबंधों पर होने वाला सत्र खास तौर पर चर्चा में है, क्योंकि गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच लंबे समय तक तनाव बना रहा। हालांकि हाल के महीनों में व्यापार, यात्रा और कूटनीतिक संबंधों में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौटती दिखाई दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है और भारत खुद को एक “ग्लोबल बैलेंसर” के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
फिलहाल Huddle 2026 को लेकर कूटनीतिक और रणनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ गई है, क्योंकि इसमें होने वाली चर्चाएं आने वाले वर्षों की वैश्विक राजनीति और शक्ति संतुलन की दिशा तय करने वाले संकेत दे सकती हैं।




