राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | श्रीनगर | 24 मई 2026
जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले में सुरक्षा बलों को आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। चंदोसा इलाके के नीलसर कांडी क्षेत्र में चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन के दौरान आतंकियों के एक गुप्त ठिकाने को ध्वस्त कर भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह जखीरा किसी बड़े आतंकी हमले में इस्तेमाल किया जा सकता था।
खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए इस ऑपरेशन में जम्मू-कश्मीर पुलिस, 52 राष्ट्रीय राइफल्स, CRPF की 53वीं बटालियन और SSB की दूसरी बटालियन ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। लगभग छह घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने जंगलों में छिपाए गए विस्फोटक और युद्ध सामग्री को बरामद किया।
ऑपरेशन में 14 सोवियत निर्मित OG-7V फ्रेगमेंटेशन राउंड्स मिले, जिनका इस्तेमाल RPG यानी रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड लॉन्चर में किया जाता है। इसके अलावा 9 PG-7P प्रोपेलेंट चार्जेस या बूस्टर्स भी बरामद किए गए। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार ये बेहद घातक विस्फोटक सामग्री थी, जिसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता था।
बरामद सामग्री की जांच जम्मू-कश्मीर पुलिस की बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) ने की और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत मौके पर ही उसे निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
मामले में चंदोसा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हथियारों का जखीरा कहां से आया और इसके पीछे कौन सा आतंकी नेटवर्क सक्रिय था।
इसी बीच राजौरी और पिर पंजाल क्षेत्र में भी आतंकियों की गतिविधियों को लेकर सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं। लगातार चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों के बीच बारामुला की यह सफलता सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे ऑपरेशनों से घाटी में शांति और सुरक्षा को लेकर विश्वास मजबूत होता है। वहीं प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त जवान तैनात कर निगरानी और तलाशी अभियान तेज कर दिए हैं, ताकि किसी भी संभावित आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके।




