शिक्षा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 24 मई 2026
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में अगले साल से बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार अब परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय जल्द ही उन महत्वपूर्ण सिफारिशों पर अंतिम फैसला ले सकता है जिनमें परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित बनाने, कई चरणों में आयोजित करने और उम्र व प्रयासों की सीमा तय करने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, 2024 के पेपर लीक कांड के बाद गठित डॉ. राधाकृष्णन समिति ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई अहम सुझाव दिए थे। अब इन्हीं सिफारिशों को लागू करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि अगले वर्ष से NEET-UG कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित की जा सकती है।
सूत्र बताते हैं कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अधिकारियों ने हाल ही में संसदीय समिति के सामने पेश होकर परीक्षा सुधारों का विस्तृत खाका साझा किया। इसमें परीक्षा को एक ही दिन की बजाय कई सत्रों में आयोजित करने, तकनीकी सुरक्षा मजबूत करने और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि इससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक नियंत्रित और सुरक्षित बनाई जा सकेगी।
हालांकि, परीक्षा के प्रयासों की अधिकतम संख्या और आयु सीमा तय करने को लेकर अभी अंतिम निर्णय बाकी है। इस मुद्दे पर छात्रों, विशेषज्ञों और मेडिकल शिक्षा से जुड़े संगठनों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित प्रयास और आयु सीमा से प्रतियोगिता का दबाव कम होगा, जबकि कई छात्र संगठन इसे अवसरों में कटौती बता रहे हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अगर NEET-UG पूरी तरह ऑनलाइन और बहु-स्तरीय परीक्षा मॉडल में बदलती है तो यह भारत की परीक्षा प्रणाली में सबसे बड़ा बदलाव माना जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, जबकि छात्रों के बीच यह चिंता भी है कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी असमानता ग्रामीण और गरीब छात्रों के लिए नई चुनौती बन सकती है।
फिलहाल लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों की नजर स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतिम फैसले पर टिकी है। आने वाले कुछ महीनों में यह साफ हो जाएगा कि देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक NEET-UG किस नए स्वरूप में छात्रों के सामने आएगी।




