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अमेरिका का बड़ा फैसला: अब ग्रीन कार्ड के लिए भारतीयों समेत सभी प्रवासियों को अपने देश लौटकर करना होगा आवेदन

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन | 24 मई 2026

अमेरिका ने ग्रीन कार्ड प्रक्रिया को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है, जिसका असर लाखों भारतीयों समेत अमेरिका में रह रहे प्रवासियों पर पड़ सकता है। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) ने नई नीति जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब अमेरिका में रहकर “एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस” के जरिए ग्रीन कार्ड प्राप्त करना संभव नहीं होगा। नए नियम के अनुसार, ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोगों को अपने मूल देश वापस जाकर अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

USCIS ने 22 मई 2026 को जारी अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह फैसला लंबे समय से लागू आव्रजन कानूनों और अदालतों के पुराने फैसलों के अनुरूप लिया गया है। एजेंसी के अनुसार, अब ग्रीन कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया विदेश मंत्रालय के अधीन अमेरिकी कॉन्सुलर कार्यालयों के जरिए ही पूरी की जाएगी। इसका मतलब यह है कि अमेरिका में रह रहे लाखों विदेशी नागरिकों, विशेष रूप से भारतीय आईटी पेशेवरों, छात्रों और H-1B वीजा धारकों को अब अपने देश लौटना पड़ सकता है। माना जा रहा है कि यह निर्णय भारतीय समुदाय के लिए सबसे अधिक प्रभाव डालने वाला साबित हो सकता है, क्योंकि अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के लिए सबसे लंबी प्रतीक्षा सूची भारतीयों की ही है।

हालांकि USCIS के प्रवक्ता जैक काहलर ने संकेत दिया है कि कुछ मामलों में छूट दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि जिन आवेदकों को “राष्ट्रीय हित” या “आर्थिक लाभ” से जुड़ा माना जाएगा, उनके लिए अपवाद संभव हैं। लेकिन फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ऐसे मामलों का दायरा कितना व्यापक होगा। इसी वजह से अमेरिका में रह रहे लाखों प्रवासी परिवारों के बीच चिंता और असमंजस की स्थिति बन गई है। इमिग्रेशन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस नीति को सख्ती से लागू किया गया तो इससे वीजा, रोजगार और परिवार आधारित इमिग्रेशन प्रक्रिया पर बड़ा असर पड़ सकता है।

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विशेषज्ञों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन लगातार अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम को अधिक नियंत्रित और सख्त बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। इस फैसले को भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। भारतीय समुदाय, जो लंबे समय से ग्रीन कार्ड बैकलॉग और वीजा अनिश्चितता से जूझ रहा है, अब इस नई नीति से और अधिक प्रभावित हो सकता है। कई लोगों को नौकरी, परिवार और कानूनी स्थिति को लेकर नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। आने वाले दिनों में इस फैसले पर अमेरिकी अदालतों, उद्योग जगत और प्रवासी संगठनों की प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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