अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | रियाद/तेहरान/वॉशिंगटन | 14 मई 2026
Saudi Arabia और Iran के बीच तनाव को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान-अमेरिका युद्ध के दौरान सऊदी अरब ने मार्च 2026 के आखिर में ईरान पर कई गुप्त हवाई हमले किए थे। दावा किया गया है कि इन हमलों को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया, ताकि क्षेत्रीय तनाव और ज्यादा न बढ़े। यह जानकारी पश्चिमी और ईरानी अधिकारियों के हवाले से सामने आई है। बताया जा रहा है कि जब ईरान की ओर से खाड़ी देशों और अमेरिकी ठिकानों पर लगातार हमले हो रहे थे, तब सऊदी अरब ने भी जवाबी कार्रवाई की रणनीति अपनाई। हालांकि रियाद ने सार्वजनिक तौर पर इन अभियानों की पुष्टि नहीं की है।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह पश्चिम एशिया की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा। अब तक सऊदी अरब खुलकर प्रत्यक्ष सैन्य टकराव से बचता रहा है, लेकिन ईरान समर्थित हमलों और क्षेत्रीय अस्थिरता के बाद उसकी रणनीति अधिक आक्रामक होती दिखाई दे रही है।
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सऊदी वायुसेना ने ईरान के कुछ रणनीतिक सैन्य ठिकानों और ड्रोन नेटवर्क को निशाना बनाया था। हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान या हताहतों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इस घटनाक्रम ने पूरे पश्चिम एशिया में नई चिंता पैदा कर दी है। पहले ही United States, Israel और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। ऐसे में सऊदी अरब की कथित सैन्य भूमिका सामने आने से क्षेत्रीय संघर्ष और व्यापक होने की आशंका जताई जा रही है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी देशों की सुरक्षा, तेल आपूर्ति और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति को लेकर दुनिया की निगाहें अब पश्चिम एशिया पर टिकी हुई हैं। यदि हालात और बिगड़े, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी पड़ सकता है।
हालांकि अभी तक सऊदी अरब, ईरान या अमेरिकी प्रशासन की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन इस खुलासे ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि ईरान-यूएस युद्ध केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरा खाड़ी क्षेत्र इसकी चपेट में आ चुका है।




