खेल | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 20 अप्रैल 2026
साल 2024 के आईपीएल ऑक्शन में एक नाम ऐसा भी था, जिसे कोई गंभीरता से नहीं ले रहा था—Priyansh Arya। ऑक्शन रूम में कई फ्रेंचाइज़ियों को उसका नाम तक ठीक से पता नहीं था और माहौल में हल्की-फुल्की हंसी भी सुनाई दे रही थी। नतीजा यह रहा कि वह अनसोल्ड रह गया।
उस समय प्रियांश आर्या घर पर बैठकर यह सब देख रहे थे। दोस्तों के बीच भी उनकी कीमत को लेकर मज़ाक हुआ, तंज कसे गए कि वह कभी एक करोड़ तक नहीं पहुंच पाएंगे। लेकिन उन्होंने कोई बहस नहीं की। उन्होंने चुपचाप अपने खेल पर काम करने का फैसला किया।
इसके बाद वह भोपाल के पास रतापानी के जंगलों में कोच संजय भरद्वाज के साथ ट्रेनिंग के लिए चले गए। यहां की ट्रेनिंग आसान नहीं थी—सुबह से लेकर 12 घंटे तक कड़ी मेहनत, दिन में सिर्फ एक घंटे फोन की अनुमति और लगातार कट व पुल शॉट्स की प्रैक्टिस। लक्ष्य साफ था—खुद को उस स्तर तक तैयार करना, जहां से वापसी हो सके।
मेहनत का असर 31 अगस्त 2024 को दिखा, जब दिल्ली के लिए खेलते हुए उन्होंने अरुण जेटली स्टेडियम में एक ओवर में 6 छक्के जड़ दिए। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT 2024-25) में उन्होंने 325 रन बनाए, वो भी 177 के स्ट्राइक रेट से। इसके बाद उन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल हो गया।
2025 के आईपीएल ऑक्शन में उनका बेस प्राइस 30 लाख था, लेकिन Punjab Kings ने उन्हें 3.8 करोड़ रुपये में खरीद लिया। टीम के कोच Ricky Ponting ऐसे खिलाड़ियों की तलाश में थे जो निडर होकर खेल सकें।
शुरुआत हालांकि आसान नहीं रही। Jofra Archer के खिलाफ गोल्डन डक पर आउट होने से आत्मविश्वास डगमगाया। लेकिन पोंटिंग ने उन्हें तकनीक की बजाय मानसिकता पर काम करने की सलाह दी—“अगली बार वही गेंद मिले, तो उसे मैदान के बाहर मारना।”
इसके बाद 8 अप्रैल 2025 को मुल्लांपुर में चेन्नई के खिलाफ उन्होंने 42 गेंदों में 103 रन ठोक दिए, जिसमें 39 गेंदों में शतक शामिल था। पूरे सीजन में उन्होंने 17 मैचों में 475 रन बनाए, 179 के शानदार स्ट्राइक रेट के साथ। पंजाब किंग्स फाइनल तक पहुंची और प्रियांश टीम के प्रमुख खिलाड़ी बनकर उभरे।
अब 2026 में उनका प्रदर्शन और भी आक्रामक हो गया है। शुरुआती 5 मैचों में उनका स्ट्राइक रेट 250 के आसपास है। चेन्नई के खिलाफ एक मैच में उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों में 39 रन बनाए। उनका कुल आईपीएल करियर 650 से ज्यादा रन और करीब 194 के स्ट्राइक रेट को पार कर चुका है।
एक साल पहले जिस खिलाड़ी को ऑक्शन में नजरअंदाज किया गया था, आज वही आईपीएल का उभरता हुआ सितारा बन चुका है। प्रियांश आर्या की कहानी यह दिखाती है कि असली जवाब शब्दों से नहीं, प्रदर्शन से दिया जाता है।




