राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 14 अप्रैल 2026
राहुल ने किया अडानी मुद्दे पर फिर से केंद्र पर हमला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उद्योगपति गौतम अडानी को लेकर एक बार फिर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आज अडानी के पास भले ही अपार संपत्ति हो, लेकिन वह देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकते, क्योंकि जैसे ही वे भारत से बाहर जाएंगे, अमेरिका उन्हें गिरफ्तार कर सकता है। राहुल गांधी के इस बयान ने एक बार फिर अडानी और सरकार के रिश्तों को लेकर राजनीतिक बहस को हवा दे दी है।
“मोदी के नाम का गुब्बारा फट जाएगा”: राजनीतिक संदेश साफ
राहुल गांधी ने अपने बयान में यह भी कहा कि यदि अडानी के खिलाफ विदेश में कोई कार्रवाई होती है, तो इसका सीधा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि पर पड़ेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “मोदी के नाम का गुब्बारा फट जाएगा”, जिससे साफ संकेत मिलता है कि कांग्रेस इस मुद्दे को सीधे राजनीतिक जवाबदेही से जोड़कर देख रही है।
अडानी विवाद: लगातार बना हुआ है सियासी मुद्दा
पिछले कुछ समय से अडानी समूह को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार बड़े कॉरपोरेट घरानों को संरक्षण दे रही है। राहुल गांधी पहले भी संसद से लेकर जनसभाओं तक इस मुद्दे को उठा चुके हैं और संयुक्त संसदीय समिति (JPC) से जांच की मांग करते रहे हैं। उनका यह नया बयान उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
बीजेपी की प्रतिक्रिया: ‘राजनीतिक बयानबाजी’ करार
हालांकि बीजेपी की ओर से राहुल गांधी के इस बयान पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पार्टी के कई नेताओं ने पहले ऐसे आरोपों को “बेबुनियाद” और “राजनीतिक प्रेरित” बताया है। बीजेपी का कहना रहा है कि विपक्ष बिना ठोस सबूत के सिर्फ भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।
राजनीतिक असर: चुनावी माहौल में तेज होगी टकराहट
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं और विभिन्न मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ रहा है। अडानी जैसे बड़े कारोबारी का नाम जुड़ने से यह मुद्दा और संवेदनशील हो जाता है, क्योंकि इसका सीधा संबंध अर्थव्यवस्था, निवेश और सरकार की नीतियों से जुड़ता है। लेकिन सच्चाई यह भी है कि अडानी बुरी तरह अमेरिकी अदालत के केस में फंसा है और अडानी की गिरफ्तारी की आंच सरकार तक भी आएगी क्योंकि अडानी बीजेपी और मोदी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर माना जाता है।




