राजनीति / राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | मालदा/ मुर्शिदाबाद/ कोलकाता | 14 अप्रैल 2026
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपनी सबसे तीखी और आक्रामक आलोचना की है। मालदा में हुई चुनावी रैली में राहुल गांधी ने न केवल मोदी को “देशद्रोही” बताया बल्कि आरोप लगाया कि अपनी छवि बचाने के लिए उन्होंने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में पूरा देश बेच दिया है। साथ ही उन्होंने संसद में अपनी आवाज दबाए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मोदी उनके सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं रखते, लेकिन वे इनसे बिल्कुल नहीं डरते।
राहुल गांधी ने कहा, “नरेंद्र मोदी ने अपनी छवि बचाने के लिए US डील में देश को बेच दिया। नरेंद्र मोदी राष्ट्रवादी नहीं, देशद्रोही हैं। उन्होंने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में भारत को बेचने का काम किया है।” उन्होंने आगे कहा कि इस डील से छोटे-मध्यम उद्योग बंद हो जाएंगे, लाखों नौकरियां छिन जाएंगी, कृषि क्षेत्र तबाह हो जाएगा और देश की ऊर्जा सुरक्षा अमेरिका के हाथ चली जाएगी। राहुल ने दावा किया कि सरकार वाशिंगटन के दबाव में पूरी तरह झुक गई और भारत के हितों की बलि चढ़ा दी गई।
रैली में राहुल गांधी ने मोदी और बीजेपी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, “नरेंद्र मोदी संसद में मेरे सामने खड़े नहीं होते। मुझे सदन में बोलने नहीं दिया जाता, लेकिन मैं इनसे डरता नहीं हूं। नरेंद्र मोदी और बीजेपी के लोग जानते हैं कि जिस दिन कांग्रेस के बब्बर शेर इन्हें हराएंगे, उसी दिन से इनपर कार्रवाई शुरू हो जाएगी।” उन्होंने कहा कि बीजेपी वाले इस बात को अच्छी तरह समझते हैं कि कांग्रेस की वापसी होते ही उनके सारे घोटाले और देश-विरोधी फैसलों की जांच होगी।
राहुल गांधी का पूरा बयान इस प्रकार है:
“नरेंद्र मोदी देशभक्त नहीं हैं, वे देशद्रोही हैं। उन्होंने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में भारत को बेच दिया। यह डील छोटे-मध्यम उद्योगों को बंद कर देगी, नौकरियां छीन लेगी और कृषि क्षेत्र को तबाह कर देगी।”
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। राहुल गांधी ने पहले भी कई मौकों पर इस डील को “देश के साथ धोखा” करार दिया था। मालदा की रैली में उन्होंने बीजेपी, आरएसएस के साथ-साथ तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि बंगाल की जनता को रोजगार, विकास और सुरक्षा चाहिए, न कि खोखले वादे और झूठी राष्ट्रवाद की राजनीति।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह आक्रामक अंदाज पश्चिम बंगाल चुनाव में कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा है, जहां वे विपक्षी वोटों को एकजुट करने और बीजेपी विरोधी माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।
बीजेपी की ओर से इस बयान पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि पार्टी पहले राहुल गांधी के ऐसे बयानों को “देश की छवि खराब करने वाला” और “असंसदीय” बताती रही है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अब ट्रेड डील, बेरोजगारी, केंद्र-राज्य टकराव और “देशद्रोही” जैसे शब्दों वाला तीखा आरोप प्रमुख मुद्दा बनता दिख रहा है। राहुल गांधी की इस रैली ने सियासी तापमान को और बढ़ा दिया है। अब देखना यह होगा कि इस विवाद का असर बंगाल की जनता के मतदान पर क्या पड़ता है और बीजेपी इस हमले का जवाब किस रूप में देती है।




