राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | रायगंज, पश्चिम बंगाल | 14 अप्रैल 2026
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के प्रमुख नेता राहुल गांधी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर एक जोरदार रैली को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम अंबेडकर जी को याद कर रहे हैं, जिन्होंने गांधी जी और नेहरू जी के साथ मिलकर देश को एक मजबूत संविधान दिया। उन्होंने कहा कि यह संविधान भारतीय लोकतंत्र की नींव है, जो समानता, न्याय और स्वतंत्रता के सिद्धांतों पर टिका है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि अंबेडकर, गांधी और नेहरू की दूरदर्शिता के कारण आज हम एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में खड़े हैं, जहां हर नागरिक को बराबर अधिकार प्राप्त हैं। राहुल गांधी ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण रूप से आज RSS और BJP की नफरत से भरी विचारधारा देश के संविधान को खत्म करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये शक्तियां सीधे तौर पर संविधान पर हमला नहीं करतीं, बल्कि चुपके-चुपके संस्थाओं पर कब्जा करके, अपने लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर बिठाकर और वोट चोरी जैसे तरीकों से लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं। राहुल गांधी के अनुसार, RSS-BJP की यह रणनीति धीरे-धीरे लेकिन लगातार संवैधानिक मूल्यों को नष्ट करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर खतरा मंडरा रहा है।
नेता विपक्ष ने रायगंज की जनसभा में उपस्थित हजारों कार्यकर्ताओं और आम लोगों से अपील की कि वे संविधान की रक्षा के लिए एकजुट हों। उन्होंने कहा कि अंबेडकर जी का सपना था कि देश में कोई भी व्यक्ति जाति, धर्म या वर्ग के आधार पर भेदभाव का शिकार न हो, लेकिन वर्तमान सत्ता पक्ष की नीतियां इस सपने को चूर-चूर कर रही हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि संस्थागत नियुक्तियों में सांप्रदायिक और वैचारिक पूर्वाग्रह को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्वतंत्र संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं। साथ ही, चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वोट चोरी और अन्य अनैतिक तरीकों से जनादेश को तोड़ा जा रहा है।
इस मौके पर राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन की एकजुटता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का यह संघर्ष सिर्फ सत्ता के लिए नहीं, बल्कि देश के संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए है। रायगंज की इस सभा में स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का भरपूर स्वागत किया और उनके भाषण के दौरान बार-बार नारेबाजी की गई। इस घटना को पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में आगामी उसी चुनावी तैयारियों के बीच विपक्ष की यह सक्रियता BJP के लिए चुनौती बन सकती है।
राहुल गांधी का यह बयान राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है, जहां एक तरफ उनके समर्थक इसे संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का आह्वान बता रहे हैं, वहीं विपक्षी दलों के आलोचक इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा करार दे रहे हैं। (समाप्त)




