Home » National » RSS बीजेपी से सवाल करने पर केस होता है, मुझ पर 36 मुकदमे और ED की 55 घंटे पूछताछ हुईं : राहुल गांधी

RSS बीजेपी से सवाल करने पर केस होता है, मुझ पर 36 मुकदमे और ED की 55 घंटे पूछताछ हुईं : राहुल गांधी

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

राष्ट्रीय / राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली | 4 अप्रैल 2026

“मेरे खिलाफ 36 मुकदमे, लगातार दबाव”—राहुल गांधी

केरल के राजनीतिक मंच से Rahul Gandhi ने बेहद आक्रामक अंदाज में RSS और बीजेपी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश में ऐसा माहौल बना दिया गया है, जहां जो भी RSS और बीजेपी से सवाल करता है, उसे निशाना बनाया जाता है। राहुल गांधी ने दावा किया कि उनके खिलाफ 36 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जो उनके अनुसार किसी सामान्य कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बल्कि राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह सिर्फ उनके साथ नहीं बल्कि उन सभी लोगों के साथ हो रहा है, जो सरकार की नीतियों या विचारधारा पर सवाल उठाने की हिम्मत करते हैं। उनके इस बयान ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है और विपक्षी राजनीति को एक नया तेवर देने का काम किया है।

“ED की 55 घंटे पूछताछ—डराने की कोशिश”

अपने संबोधन में Rahul Gandhi ने यह भी बताया कि उनसे Enforcement Directorate ने करीब 55 घंटे तक पूछताछ की। उन्होंने इसे एक सामान्य जांच नहीं बल्कि “डराने और दबाव बनाने की कार्रवाई” बताया। राहुल गांधी ने कहा कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल अब निष्पक्ष जांच के लिए नहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं को घेरने के लिए किया जा रहा है। उनका कहना था कि इस तरह की कार्रवाई का मकसद यह संदेश देना है कि अगर कोई सत्ता के खिलाफ बोलेगा, तो उसे इसी तरह के दबाव का सामना करना पड़ेगा। इस बयान के जरिए उन्होंने सीधे तौर पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

“सवाल पूछना अब मुश्किल बना दिया गया है”

Rahul Gandhi ने अपने भाषण में कहा कि देश में लोकतांत्रिक माहौल कमजोर हो रहा है और सवाल पूछना अब आसान नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी सरकार की नीतियों या RSS-बीजेपी की विचारधारा पर सवाल उठाता है, उसके खिलाफ तुरंत केस, जांच और अन्य दबाव की कार्रवाई शुरू कर दी जाती है। राहुल गांधी के मुताबिक, यह स्थिति लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है क्योंकि लोकतंत्र की असली ताकत सवाल पूछने और जवाब मांगने में होती है। उन्होंने कहा कि अगर यही माहौल जारी रहा तो आम आदमी की आवाज भी धीरे-धीरे दबती चली जाएगी।

“डरेंगे नहीं, लड़ाई जारी रहेगी”

अपने भाषण के अंत में Rahul Gandhi ने साफ कहा कि इन सब दबावों के बावजूद वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि चाहे कितने भी मुकदमे लगाए जाएं या कितनी भी पूछताछ हो, वह जनता के मुद्दे उठाते रहेंगे। राहुल गांधी ने इसे एक बड़ी वैचारिक लड़ाई बताते हुए कहा कि यह सिर्फ उनकी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने अपने समर्थकों से भी अपील की कि वे डरें नहीं और सच्चाई के साथ खड़े रहें।

LDF और केंद्र पर एक साथ निशाना

अपने भाषण में Rahul Gandhi ने केरल की वामपंथी राजनीति पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि CPI(M) नेताओं ने मंदिर से सोना चुराकर उसकी जगह पीतल लगा दिया, लेकिन इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कुछ नहीं कहा। राहुल गांधी ने दावा किया कि ऐसा इसलिए है क्योंकि केंद्र सरकार केरल में LDF सरकार को बनाए रखना चाहती है। उनके मुताबिक, बीजेपी जानती है कि असली चुनौती कांग्रेस और UDF से है, इसलिए वह वाम मोर्चा के खिलाफ उतनी आक्रामक नहीं दिखती।

सियासत में बढ़ेगा टकराव, जवाब का इंतजार

राहुल गांधी के इस बयान के बाद देश की राजनीति में टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि बीजेपी और RSS की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होगा और चुनावी माहौल में यह मुद्दा और ज्यादा उभरकर सामने आ सकता है। यह बयान साफ तौर पर दिखाता है कि देश की राजनीति अब एक नए और ज्यादा आक्रामक दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहां हर पक्ष खुलकर अपनी बात रख रहा है और जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments