राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | अहमदाबाद/नई दिल्ली | 1 अप्रैल 2026
गुजरात की राजनीति में उस समय बड़ा उबाल आ गया जब आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि पार्टी कार्यकर्ता एक अन्य साथी की कथित “गैर-कानूनी गिरफ्तारी” के विरोध में पुलिस स्टेशन पहुंचे थे, लेकिन हालात ऐसे बने कि विरोध करने पहुंचे नेताओं पर ही कार्रवाई हो गई और प्रदेश अध्यक्ष को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को अचानक गर्मा दिया है और AAP ने इसे सीधा-सीधा राजनीतिक दमन करार दिया है। Arvind Kejriwal ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गुजरात में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है और हालात “तानाशाही” जैसे हो गए हैं। केजरीवाल का दावा है कि पिछले तीन महीनों में AAP कार्यकर्ताओं पर 145 FIR दर्ज की गई हैं और 160 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत बताते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध को अपराध की तरह पेश किया जा रहा है।
AAP का आरोप है कि पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर भाजपा सरकार इस तरह की कार्रवाई कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को कुचला जा रहा है और पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार की तरह किया जा रहा है। वहीं, केजरीवाल ने चेतावनी दी कि जनता इस “ज्यादती” का जवाब जरूर देगी और आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर देखने को मिलेगा।
दूसरी ओर, इस पूरे विवाद पर भाजपा या गुजरात पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे सियासी बहस और तेज हो गई है। गुजरात में पहले से ही चुनावी माहौल बनने लगा है और AAP लगातार अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में लगी है। ऐसे में यह गिरफ्तारी केवल एक कानूनी मामला नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है, जिस पर आने वाले दिनों में और घमासान देखने को मिल सकता है।




