अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 24 मार्च 2026
पश्चिम एशिया में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब और ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि हर दिन नए हमले हो रहे हैं और दुनिया भर के देश चिंता में हैं। ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग बंद कर दिया है, जिससे तेल की सप्लाई पर सीधा असर पड़ा है। यही रास्ता है जहां से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है, इसलिए इसके बंद होने से पूरी दुनिया में हलचल मच गई है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि अगर उसने यह रास्ता नहीं खोला तो उसके पावर प्लांट्स और बड़े ठिकानों को तबाह कर दिया जाएगा। पहले 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था, जिसे बाद में कुछ दिन के लिए बढ़ा दिया गया। दूसरी तरफ ईरान साफ कह रहा है कि वह दबाव में नहीं आएगा और वह सिर्फ अपने दुश्मनों के जहाजों को रोक रहा है।
जंग सिर्फ धमकियों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर भी भारी हमले हो रहे हैं। ईरान लगातार मिसाइल और ड्रोन से इज़राइल पर हमला कर रहा है, जबकि इज़राइल और अमेरिका मिलकर ईरान के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। इस संघर्ष में हजारों लोगों की जान जा चुकी है और कई शहरों में तबाही का मंजर है।
इस युद्ध का सबसे बड़ा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और कई देशों में महंगाई बढ़ने का खतरा है। एशिया के देशों में खासकर ईंधन की कमी की चिंता बढ़ गई है। भारत समेत कई देश अब अपने स्तर पर बैठकें कर रहे हैं ताकि हालात से निपटा जा सके।
हालांकि इस तनाव के बीच शांति की कोशिशें भी चल रही हैं। पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देश बीच-बचाव कर रहे हैं और बातचीत कराने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका का दावा है कि बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन ईरान इसे खुलकर मानने से इनकार कर रहा है। स्थिति बेहद नाजुक है। एक तरफ युद्ध तेज हो रहा है, तो दूसरी तरफ शांति की कोशिशें भी जारी हैं। लेकिन सच यही है कि अगर यह टकराव जल्दी नहीं रुका, तो इसका असर सिर्फ पश्चिम एशिया ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जिंदगी पर पड़ेगा।




