राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 19 मार्च 2026
देश में बढ़ती एलपीजी कीमतों और आपूर्ति से जुड़ी दिक्कतों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। आम आदमी जहां रसोई गैस की महंगाई से जूझ रहा है, वहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि “मुद्दों से भटकाना ही बीजेपी की रणनीति बन चुकी है” और इसमें एक वर्ग का मीडिया भी उनकी मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब-जब महंगाई, बेरोजगारी या एलपीजी संकट जैसे गंभीर मुद्दे उठते हैं, तब-तब ध्यान भटकाने के लिए विवादित बयान और साम्प्रदायिक मुद्दे सामने लाए जाते हैं।
खेड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ चुनिंदा चेहरों के जरिए जानबूझकर ऐसे बयान दिलवाए जाते हैं, जिन्हें मीडिया प्रमुखता से दिखाता है, जिससे जनता का ध्यान असली समस्याओं से हट जाता है। उनके मुताबिक, यह एक “सुनियोजित राजनीतिक और मीडिया नैरेटिव” का हिस्सा है।
इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं को तोड़कर बीजेपी में शामिल कराने की नीति पर भी सवाल उठाए। खेड़ा का कहना है कि यह विपक्ष को कमजोर करने और लोकतांत्रिक संतुलन बिगाड़ने की कोशिश है।
हालांकि, बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार पूरी गंभीरता से एलपीजी कीमतों और आपूर्ति की स्थिति पर काम कर रही है और विपक्ष केवल राजनीतिक फायदा उठाने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहा है।
इस बीच, देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को लेकर आम आदमी की चिंता बढ़ती जा रही है। खासकर मध्यम वर्ग और गरीब तबका इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है, जिससे घर का बजट लगातार बिगड़ रहा है।
फिलहाल, एलपीजी संकट अब सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस का भी केंद्र बन गया है—जहां एक ओर जनता राहत की उम्मीद में है, वहीं दूसरी ओर सियासत अपने चरम पर नजर आ रही है।




