एबीसी नेशनल न्यूज
नई दिल्ली | 14 मार्च 2026
मध्य-पूर्व में ईरान- अमेरिका – इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर भारतीय मीडिया में एक खबर तेजी से फैली कि एक भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से इस संवेदनशील समुद्री मार्ग को पार करके मुंबई पहुंच गया है। कई हिंदी न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसे प्रधानमंत्री की कूटनीतिक सफलता बताते हुए बड़े स्तर पर प्रसारित किया गया और दावा किया गया कि ईरान ने भारत के जहाजों को विशेष छूट दी है।
हालांकि बाद में सामने आए तथ्यों और मरीन ट्रैफिक डेटा से स्पष्ट हुआ कि यह दावा पूरी तरह सही नहीं था और जिस जहाज का उदाहरण देकर यह खबर चलाई जा रही थी, उसने वास्तव में होर्मुज जलडमरूमध्य पार ही नहीं किया था।
दरअसल जिस जहाज का उल्लेख किया गया वह Shenlong नाम का Liberian-flagged Suezmax तेल टैंकर था। यह जहाज सऊदी अरब के Ras Tanura बंदरगाह से करीब 1,35,000 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर रवाना हुआ था और 11-12 मार्च के आसपास मुंबई पहुंचा। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह जहाज पहले से ही Persian Gulf क्षेत्र में मौजूद था और इसका मार्ग सीधे Gulf of Oman की ओर था। इसलिए इसे Strait of Hormuz पार करने की जरूरत ही नहीं पड़ी।
इसी वजह से जब कुछ चैनलों ने यह दावा किया कि जहाज होर्मुज पार करके भारत पहुंचा है, तो समुद्री ट्रैकिंग डेटा और विश्लेषकों ने इस दावे को भ्रामक बताया। बाद में कई रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्टों में भी स्पष्ट किया गया कि जहाज के मार्ग को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था।
इस बीच विदेश मंत्रालय और समुद्री परिवहन से जुड़े सूत्रों को भी ऐसी खबरों पर सफाई देनी पड़ी कि मीडिया में प्रसारित कुछ दावे अधूरे तथ्यों पर आधारित थे। अधिकारियों ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील जरूर है, लेकिन किसी जहाज के मार्ग को गलत तरीके से पेश करना स्थिति को लेकर भ्रम पैदा कर सकता है।
खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों की वास्तविक स्थिति
14 मार्च 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में कुल 28 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद थे। इनमें से 24 जहाज Persian Gulf के भीतर थे, जहां से बाहर निकलने के लिए Strait of Hormuz पार करना अनिवार्य है। मौजूदा तनाव और सुरक्षा स्थिति के कारण इनमें से कई जहाज फिलहाल वहीं रुके हुए हैं या उनके सुरक्षित निकलने को लेकर बातचीत जारी है।
इसके अलावा 4 जहाज Gulf of Oman क्षेत्र में मौजूद थे, जिन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की आवश्यकता नहीं थी। इनमें से एक जहाज सुरक्षित रूप से आगे निकल गया क्योंकि उसका मार्ग सीधे खुले समुद्री क्षेत्र की ओर था।
इसी दौरान दो भारतीय ध्वज वाले एलपीजी टैंकर—Shivalik और Nanda Devi—ने 13-14 मार्च की सुबह सफलतापूर्वक Strait of Hormuz पार किया। इन जहाजों में लगभग 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लदा हुआ है और ये भारत के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह की ओर आ रहे हैं।
समुद्री और कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार इन जहाजों के सुरक्षित मार्ग के पीछे भारत और ईरान के बीच चल रही बातचीत महत्वपूर्ण रही। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री स्तर पर हुई बातचीत और विदेश मंत्री की कई कूटनीतिक चर्चाओं के बाद यह रास्ता संभव हो सका। हालांकि अभी भी लगभग 22 जहाज Persian Gulf क्षेत्र में फंसे हुए हैं और उनके सुरक्षित निकास को लेकर प्रयास जारी हैं।
ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मार्ग
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। भारत सहित कई देशों के लिए यह मार्ग ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से बेहद अहम है। भारत का लगभग 40 प्रतिशत कच्चा तेल और बड़ी मात्रा में एलपीजी इसी क्षेत्र से होकर आता है। इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य तनाव सीधे वैश्विक ऊर्जा बाजार और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।
मीडिया की भूमिका पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। कई चैनलों ने बिना समुद्री रूट या आधिकारिक जानकारी की पुष्टि किए “होर्मुज से जहाज आ गया” जैसे सनसनीखेज दावे प्रसारित कर दिए। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय संकट जैसी संवेदनशील परिस्थितियों में खबरों की तथ्यात्मक जांच और सत्यापन बेहद जरूरी होता है, क्योंकि अधूरी या गलत जानकारी से भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
भारत सरकार और कूटनीतिक चैनल लगातार सक्रिय हैं ताकि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद बाकी भारतीय जहाज भी सुरक्षित तरीके से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आने वाले दिनों में इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा और संचालन को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।




