Home » National » देश संकट में, फिर भी बांग्लादेश को 60 लाख लीटर तेल क्यों? सरकार की विदेश नीति पर सांसद संजय सिंह के सवाल

देश संकट में, फिर भी बांग्लादेश को 60 लाख लीटर तेल क्यों? सरकार की विदेश नीति पर सांसद संजय सिंह के सवाल

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 13 मार्च 2026

देश में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं और पश्चिम एशिया में बने तनावपूर्ण हालात के बीच आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और ऊर्जा प्रबंधन को लेकर कई तीखे सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब देश खुद तेल और गैस की आपूर्ति के संकट से जूझ रहा है, तब सरकार द्वारा बांग्लादेश को करीब 60 लाख लीटर तेल भेजे जाने का फैसला समझ से परे है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में सरकार को पहले देश की जरूरतों और आम जनता की परेशानी को प्राथमिकता देनी चाहिए थी।

संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या ईरान के राष्ट्रपति के साथ हुई बातचीत का कोई ठोस नतीजा निकला है। उन्होंने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों की आवाजाही को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई है, वह देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार ने इस संकट को हल करने के लिए प्रभावी कूटनीतिक प्रयास किए हैं और क्या भारतीय जहाजों की आवाजाही जल्द सामान्य हो पाएगी।

उन्होंने सरकार की कूटनीतिक पहल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर इन प्रयासों का कोई स्पष्ट परिणाम सामने नहीं आता, तो यह भारत की विदेश नीति की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है। संजय सिंह ने कहा कि मौजूदा हालात में सरकार की कई कार्रवाइयां ऐसी लगती हैं जैसे “मुर्दे को इंजेक्शन लगाया जा रहा हो”, यानी ऐसी कोशिशें जिनसे वास्तविक समाधान निकलता नजर नहीं आता।

संजय सिंह ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और अमेरिका के साथ संबंधों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से फिर से टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी जा रही है, जिससे वैश्विक व्यापार में नई अनिश्चितता पैदा हो सकती है। उनके मुताबिक ऐसे समय में भारत को संतुलित और मजबूत विदेश नीति की जरूरत है, ताकि देश के आर्थिक और रणनीतिक हित सुरक्षित रह सकें।

इन सवालों के बीच केंद्र सरकार की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है और कई विशेषज्ञ भी यह सवाल उठा रहे हैं कि बदलते वैश्विक हालात में भारत की ऊर्जा सुरक्षा और विदेश नीति किस दिशा में आगे बढ़ रही है।

5 1 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments