Home » Politics » ‘54,000 करोड़ रुपये कहां गए?’: कांग्रेस ने केजरीवाल के पुराने वादे का जिक्र कर भगवंत मान सरकार को घेरा

‘54,000 करोड़ रुपये कहां गए?’: कांग्रेस ने केजरीवाल के पुराने वादे का जिक्र कर भगवंत मान सरकार को घेरा

एबीसी नेशनल न्यूज | चंडीगढ़ | 9 मार्च 2026

पंजाब की राजनीति में एक बार फिर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Partap Singh Bajwa ने राज्य की Bhagwant Mann सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा है कि आखिर वह 54,000 करोड़ रुपये कहां गए, जिनका जिक्र आम आदमी पार्टी के संयोजक Arvind Kejriwal ने पहले किया था।

बाजवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब में सत्ता में आने से पहले बड़े-बड़े दावे किए थे। पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया था कि पिछली सरकारों के दौरान भ्रष्टाचार के कारण राज्य को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और सत्ता में आने के बाद इस रकम को वापस लाकर राज्य के विकास में लगाया जाएगा। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि अगर वास्तव में इतनी बड़ी राशि की वसूली होनी थी तो अब तक उसका क्या हुआ और वह धन राज्य के खजाने में क्यों नहीं दिखाई दे रहा।

कांग्रेस नेता का कहना है कि पंजाब की जनता को बताया गया था कि भ्रष्टाचार से खोई हुई रकम वापस लाई जाएगी और इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में बड़ा निवेश होगा। लेकिन चारों ओर वित्तीय संकट की चर्चा हो रही है और सरकार लगातार कर्ज लेने पर मजबूर दिख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय किए गए कई वादों की तरह यह दावा भी केवल राजनीतिक नारा बनकर रह गया।

बाजवा ने यह भी कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार को पारदर्शिता दिखानी चाहिए और जनता को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उनका कहना था कि अगर सरकार ने वास्तव में भ्रष्टाचार से जुड़ी रकम की पहचान की थी तो उसकी जांच और वसूली की कार्रवाई सार्वजनिक होनी चाहिए।

हालांकि आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि राज्य की वित्तीय चुनौतियां पुरानी सरकारों की नीतियों का परिणाम हैं और मौजूदा सरकार सुधार के लिए लगातार काम कर रही है। पार्टी का दावा है कि प्रशासनिक सुधार, राजस्व बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के जरिए राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted