एबीसी नेशनल न्यूज | म्यूनिख | 15 फरवरी 2026
जर्मनी में आयोजित Munich Security Conference में अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा, “हमारा घर भले वेस्टर्न हेमिस्फियर में हो, लेकिन हम हमेशा यूरोप की संतान रहेंगे।” साथ ही जोड़ा कि अमेरिका और यूरोप “एक-दूसरे से जुड़े हैं” और उनका साझा भविष्य है। हालिया तनावों के बीच इसे भरोसा बहाल करने की कोशिश माना जा रहा है।
पिछले एक साल में यूक्रेन युद्ध, नाटो फंडिंग, रक्षा खर्च और व्यापार जैसे मुद्दों पर अमेरिका-यूरोप के बीच मतभेद उभरे हैं। ऐसे माहौल में रुबियो का सांस्कृतिक-ऐतिहासिक एकता पर जोर यूरोपीय नेताओं के लिए राहत का संदेश रहा। हालांकि, भाषण में कोई नई ठोस प्रतिबद्धता नहीं दिखी—न अतिरिक्त सैन्य सहायता की घोषणा, न रूस का सीधा उल्लेख।
रुबियो ने यूरोप से अधिक जिम्मेदारी लेने की अपेक्षा दोहराई—खासतौर पर रक्षा खर्च और सुरक्षा सहयोग के संदर्भ में। उधर, यूरोपीय देशों ने “सामरिक स्वतंत्रता” पर जोर देते हुए गठबंधन बनाए रखने की इच्छा भी जताई।
विशेषज्ञों का मानना है कि असली कसौटी आने वाले महीनों में नाटो बैठकों, यूक्रेन वार्ताओं और व्यापार समझौतों में होगी। म्यूनिख का संदेश प्रतीकात्मक रूप से मजबूत रहा, लेकिन क्या इससे नीति में ठोस बदलाव आएगा—यह अभी देखना बाकी है।




