एबीसी नेशनल न्यूज | 5 फरवरी 2026
नई दिल्ली। संसद में गुरुवार के घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में विपक्ष के सवालों से बचने के लिए सदन में नहीं गए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी और संभावित सवालों को देखते हुए प्रधानमंत्री ने लोकसभा में प्रवेश नहीं किया।
कांग्रेस के अनुसार, जब प्रधानमंत्री लोकसभा की ओर बढ़ रहे थे, तभी संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजीजू ने उन्हें रोका। विपक्ष का दावा है कि इस दौरान राहुल गांधी पूर्व थलसेनाध्यक्ष एम.एम. नरवणे की किताब से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी में थे। सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे एक वीडियो को लेकर कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उसमें किरण रिजीजू प्रधानमंत्री को लोकसभा की ओर जाने से रोकते दिखाई देते हैं। हालांकि इस घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
इसी बीच लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही के दौरान कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ महिला सांसद प्रधानमंत्री को बोलने से रोकने और उनका घेराव करने की योजना बना रही थीं। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री को लोकसभा में न आने की सलाह दी गई। इस बयान के दौरान विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया और नारेबाज़ी भी हुई।
वहीं, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा — “बस सवालों से इतनी घबराहट?” उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा, “मोदी जी सच्चाई से ऐसा डरे, झूठ की शरण ले ली। खैर, जो उचित समझा, वही किया।” कांग्रेस नेताओं ने इस टिप्पणी को संसद में जवाबदेही के सवाल से जोड़कर देखा है।
कांग्रेस प्रवक्ताओं ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि संसद में सवालों का सामना करना सरकार की जिम्मेदारी होती है। उनका कहना है कि इस घटना ने संसद के भीतर सत्ता और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव को उजागर किया है।
राजनीतिक हलकों में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर बहस और तेज होने की संभावना है।




