एबीसी डेस्क 29 दिसंबर 2025
असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने बीजेपी के कार्यप्रणालियों को लेकर बड़े सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस सांसद ने पूर्वोत्तर के लोगों के साथ होने वाले भेदभाव और नस्लीय प्रतिक्रियाओं और आलोचनाओं पर नाराजगी जताते हुए गहरा दुख जताया। उन्होंने न केवल अपने साथ हुई एक घटना का जिक्र किया, देहरादून में हुई एंजेल चकमा की हत्या को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे सवाल खड़े किए। गौरव ने कहा कि भेदभाव की यह समस्या बहुत गहरी है। असम और पूर्वोत्तर के हालातों पर गौरव गोगोई ने गृह मंत्री अमित शाह को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री को सभी राज्यों के DGP के साथ बैठकर पूर्वोत्तर की सुरक्षा और सामाजिक स्थिति पर चर्चा करनी चाहिए। केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के लोगों के दिलों में सुलग रही नाराजगी और अलगाव की भावना को समझने में विफल रही है। बीजेपी के ‘घुसपैठिया’ दावों पर गोगोई ने कहा कि झारखंड और असम में केवल दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि असम में खुद बीजेपी के दो विधायकों की नागरिकता पर सवाल हैं, गृह मंत्री को पहले उस पर जवाब देना चाहिए।
उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, आगरा में एक गार्ड ने मुझसे मेरा पासपोर्ट दिखाने को कहा। इस पीड़ा को केवल पूर्वोत्तर के लोग ही समझ सकते हैं। हमारे लुक के आधार पर हमें पराया समझा जाता है, जबकि हम गर्व से ‘भारत माता की जय’ बोलते हैं। गौरव गोगोई ने मांग की कि एंजेल चकमा के केस में दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा मिले और फरार मुख्य आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। साथ ही, FIR में देरी की भी जांच होनी चाहिए।
देहरादून में पूर्वोत्तर की छात्र एंजेल चकमा के साथ हुई बर्बरता पर गोगोई ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने बताया कि कैसे अपनी पहचान की रक्षा करने पर एक मासूम की जान ले ली गई। एंजेल पर अपमानजनक टिप्पणी की गई, जिसका उसने हिम्मत से जवाब दिया— “मैं भारतीय हूं, चीनी नहीं.” जब उसने आंख में आंख डालकर उत्तर दिया, तो पीछे से पांच लोगों ने उस पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। परिवार का आरोप है कि FIR दर्ज करने में 12 दिन लग गए. छात्रों के भारी प्रदर्शन के बाद ही पुलिस और प्रशासन जागा।




