भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की पुण्यतिथि पर देश ने एक बार फिर उस आदमी को याद किया, जिसने शोर से नहीं, सोच से देश को दिशा दी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया के ज़रिए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह सिर्फ एक प्रधानमंत्री नहीं थे, बल्कि बुद्धिमत्ता, विनम्रता और गरिमा का जीवंत उदाहरण थे।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में लिखा कि डॉ. मनमोहन सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व ने भारत को आर्थिक रूप से मजबूत किया। उनके ऐतिहासिक फैसलों और साहसिक प्रयासों ने देश के वंचितों और गरीबों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया और भारत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह की सादगी, कर्मठता और ईमानदारी आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बनी रहेगी।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने उन्हें एक दृढ़ निश्चयी, समानता में विश्वास रखने वाला और गरिमामय व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह सच्चे अर्थों में देश की प्रगति के लिए समर्पित रहे। पूर्व वित्त मंत्री और रिज़र्व बैंक के गवर्नर के रूप में भी उन्होंने जो बुनियाद रखी, वही भारत की आधुनिक आर्थिक यात्रा की रीढ़ बनी। उनकी सादगी और ईमानदारी आज के शोर-शराबे वाले दौर में भी राजनीति और सार्वजनिक जीवन को आईना दिखाती है।
डॉ. मनमोहन सिंह ऐसे नेता थे, जिनकी आवाज़ भले ही धीमी रही हो, लेकिन उनके फैसलों की गूंज दूर तक गई। न आरोपों की तल्ख़ी, न सत्ता का अहंकार—बस काम, ज्ञान और देशहित। आज उनकी पुण्यतिथि पर देश उन्हें केवल याद नहीं कर रहा, बल्कि उस राजनीति को भी याद कर रहा है, जहां नेतृत्व का मतलब विनम्रता, जिम्मेदारी और इंसानियत हुआ करता था।




