अंतरराष्ट्रीय डेस्क 23 दिसंबर 2025
दक्षिण एशिया में भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में हाल के दिनों में उभरे तनाव के बीच रूस ने बांग्लादेश को संतुलित और संजीदा रवैया अपनाने की सलाह दी है। रूसी राजदूत अलेक्जेंडर ग्रिगोरीविच खोजिन ने बांग्लादेशी नेताओं से आग्रह किया है कि वे भारत के साथ दो-तरफा संबंधों को और अधिक बिगाड़ने से बचें और तनाव को कम करने की दिशा में कदम उठाएँ। उनके इस बयान को क्षेत्रीय स्थिरता और ऐतिहासिक संदर्भ की अहमियत से जोड़ा जा रहा है।
रूसी राजदूत ने कहा कि बांग्लादेश और भारत दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव बढ़ने से कोई भी पक्ष लाभान्वित नहीं होगा और वर्तमान हालात को जितना जल्दी सम्भव हो, सामान्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय रिश्ते आपसी भरोसे और विश्वास पर आधारित होने चाहिए ताकि किसी भी तरह की अनचाही स्थिति पैदा न हो। रूस ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी देश के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देना चाहता, लेकिन क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सतर्कता जरूरी है।
विशेष रूप से राजदूत ने 1971 के भारत-बांग्लादेश मित्रता युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भारत और रूस ने मिलकर बांग्लादेश के स्वतंत्रता संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह याद दिलाना इस बात पर भी जोर देता है कि इतिहास में दोनों देशों ने एक-दूसरे का समर्थन किया है और उसी ऐतिहासिक रिश्ते की प्रेरणा से वर्तमान तनाव को भी हल करने की पहल हो सकती है।
राजदूत की यह अपील ऐसे समय में आई है जब बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता, अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और भारत के खिलाफ कुछ अभिव्यक्तियों की वजह से दोनों देशों के बीच तनाव के संकेत उभर रहे हैं। रूसी बयान का उद्देश्य इन तनावों को और बढ़ने से रोकना और क्षेत्रीय सहयोग के मार्ग को फिर से मजबूत करना बताया जा रहा है।




