अमनप्रीत सिंह | शिमला 22 दिसंबर 2025
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) अस्पताल में सोमवार सुबह उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब एक डॉक्टर और मरीज के बीच कहासुनी देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। घटना का करीब 15 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद मामला और भी गरमा गया। अर्जुन पंवार नाम का मरीज सांस लेने में तकलीफ के चलते IGMC में एक मेडिकल प्रक्रिया से गुजरा था। इलाज के बाद अस्पताल स्टाफ ने उसे कुछ देर आराम करने की सलाह दी थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर एक डॉक्टर ने आपत्ति जताई, जिसे मरीज ने अपमानजनक व्यवहार बताया। दोनों के बीच पहले तीखी बहस हुई और फिर मामला हिंसा तक पहुंच गया।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पहले मरीज ने डॉक्टर की ओर पैर से वार किया, जिसके जवाब में डॉक्टर ने मुक्का मारा। इस झड़प में मरीज की नाक से खून बहने लगा। घटना के सामने आते ही अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया। घटना से नाराज़ लोगों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया और डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग उठाई। वहीं, प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति गठित कर दी है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने भी पूरे प्रकरण पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
इस घटना ने एक बार फिर देश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और मरीजों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी लोग दो हिस्सों में बंटे नजर आ रहे हैं—कुछ लोग डॉक्टर के व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि हिंसा की शुरुआत मरीज की ओर से हुई। फिलहाल, जांच के नतीजों का इंतज़ार है, लेकिन यह घटना साफ संकेत देती है कि अस्पतालों में संवाद और व्यवस्था को लेकर गंभीर सुधार की जरूरत है, ताकि इलाज की जगह कभी हिंसा का मैदान न बने।




