अंतरराष्ट्रीय डेस्क 19 दिसंबर 2025
बांग्लादेश में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। हादी नाम के एक युवक की मौत के बाद देश के कई हिस्सों में गुस्सा सड़कों पर उतर आया। विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे हिंसा में बदल गए, और इस दौरान मीडिया संस्थानों को निशाना बनाया गया। कई जगहों पर अख़बारों और टीवी चैनलों के दफ्तरों में आग लगा दी गई।
ढाका समेत कई शहरों में पत्रकारों पर सीधे हमले किए गए। रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों को पीटा गया, उनके कैमरे और मोबाइल छीन लिए गए। कुछ पत्रकारों को जान बचाकर भागना पड़ा। इस घटना से मीडिया जगत में डर और असुरक्षा का माहौल है।
बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों का गुस्सा हादी की मौत को लेकर है। उनका आरोप है कि इस मामले में सच्चाई सामने नहीं आ रही और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही। इसी नाराज़गी में भीड़ ने मीडिया को भी निशाना बना लिया।
सरकार ने हालात पर काबू पाने की बात कही है और जांच का भरोसा दिया है, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि स्थिति अभी भी नाज़ुक बनी हुई है। सुरक्षा बढ़ाई गई है, फिर भी आम लोग और पत्रकार खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे।
सरल शब्दों में कहें तो, हादी की मौत ने बांग्लादेश में पहले से मौजूद तनाव को हिंसा में बदल दिया है, और इसका सबसे बड़ा नुकसान स्वतंत्र मीडिया और आम नागरिकों को झेलना पड़ रहा है।




